'अब और समय नहीं मिलेगा'- जेल भर्ती मामले में हाईकोर्ट की सरकार को दो टूक
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और रिक्त पदों को भरने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं.
सुनवाई के दौरान अदालत ने जेलों में कर्मियों की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि पर्याप्त मानव संसाधन के अभाव में जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है. हाईकोर्ट ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी और पूछा कि लंबे समय से खाली पदों को भरने में इतनी देरी क्यों हो रही है.
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि अदालत इस मामले में अब और समय देने के पक्ष में नहीं है. सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) का पक्ष सुना. खंडपीठ ने कहा कि एक अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को छह माह के भीतर जेलों में रिक्त सभी पदों को भरने का निर्देश दिया गया था. ऐसे में अब निर्धारित अवधि के भीतर ही आवश्यक कार्रवाई पूरी करनी होगी.
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और जेएसएससी को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले अदालत में अनुपालन प्रतिवेदन दाखिल किया जाए. खंडपीठ जानना चाहती है कि रिक्त पदों को भरने की दिशा में अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं और नियुक्ति प्रक्रिया किस चरण में पहुंची है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रिक्त पदों को समय पर भरना आवश्यक है. लंबे समय से खाली पड़े पदों का असर जेलों के संचालन और सुधारात्मक गतिविधियों पर पड़ रहा है.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि जेल विभाग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है. नियुक्तियों के लिए आवश्यक प्रशासनिक और चयन संबंधी कार्रवाई की जा रही है. हालांकि, अदालत ने इस दलील को रिकॉर्ड पर लेते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए. अदालत ने कहा कि केवल प्रक्रिया जारी होने की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका ठोस परिणाम भी सामने आना चाहिए.
8 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की है. इस दौरान राज्य सरकार और जेएसएससी को विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी. झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की जेलों में सुधार, आधारभूत सुविधाओं की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था तथा मॉडल जेल मैनुअल के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले की सुनवाई शुरू की थी. अदालत लगातार इस विषय की निगरानी कर रही है ताकि जेल प्रशासन में आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जा सकें.