JPSC-JSSC आंदोलन पर CM हेमंत सोरेन ने छात्रों को बातचीत का दिया न्योता, छात्रों ने रखी बड़ी मांग..आंदोलन खत्म करने पर अड़े...

Ranchi: प्रशासन की ओर से आंदोलनकारी छात्र नेताओं को बताया गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात करना चाहते हैं. इसके लिए मुख्यमंत्री आवास पर बैठक का समय तय किए जाने और सीमित संख्या में छात्र प्रतिनिधियों को बुलाने की बात कही गई.
 

Ranchi: झारखंड में JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन के 12वें दिन राज्य सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत की पहल की गई. प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से बातचीत का संदेश छात्र प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. हालांकि, छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और अपनी शर्तों के साथ वार्ता की बात कही.

मुख्यमंत्री आवास पर बातचीत का दिया गया प्रस्ताव

जानकारी के मुताबिक, प्रशासन की ओर से आंदोलनकारी छात्र नेताओं को बताया गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात करना चाहते हैं. इसके लिए मुख्यमंत्री आवास पर बैठक का समय तय किए जाने और सीमित संख्या में छात्र प्रतिनिधियों को बुलाने की बात कही गई.

एसडीएम और एडीएम स्तर के अधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने की अपील की. सरकार की ओर से छात्रों को वार्ता के लिए आगे आने का संदेश दिया गया.

छात्रों ने सरकार के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास पर सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई. आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक संगठन या कुछ चुनिंदा प्रतिनिधियों तक सीमित नहीं है.

छात्रों के मुताबिक, JPSC-JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे राज्यभर के हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े हैं. ऐसे में केवल कुछ प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठक कर पूरे आंदोलन के संबंध में फैसला लेना उचित नहीं होगा.

‘मुख्यमंत्री खुद आंदोलन स्थल पर आएं’

छात्रों ने सरकार के सामने अपनी स्पष्ट शर्त रखते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री वास्तव में आंदोलनकारी छात्रों की समस्याएं सुनना चाहते हैं, तो उन्हें खुद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर छात्रों से बातचीत करनी चाहिए.

आंदोलनकारियों का मानना है कि खुले मंच पर बातचीत होने से प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी रहेगी और आंदोलन में शामिल सभी छात्रों का भरोसा भी कायम रहेगा.

‘सिर्फ आश्वासन नहीं, लिखित कार्रवाई चाहिए’

प्रदर्शनकारी राकेश कुमार ने कहा कि छात्र सिर्फ आश्वासन के भरोसे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस और लिखित पहल करे.

छात्रों का आरोप है कि वे कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट और ठोस निर्णय सामने नहीं आया है.

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई की घोषणा नहीं करती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना और आंदोलन जारी रहेगा.

छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन विशेष का नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों प्रतियोगी अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला है. इसलिए सरकार को सभी आंदोलनकारियों के सामने पारदर्शी तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए और उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए.

सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध बरकरार

राज्य सरकार की ओर से बातचीत की पहल के बावजूद छात्रों द्वारा प्रस्ताव ठुकराए जाने से फिलहाल गतिरोध बना हुआ है. सरकार जहां सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है, वहीं छात्र मुख्यमंत्री से सीधे आंदोलन स्थल पर आकर संवाद करने की मांग पर अड़े हैं.

अब देखने वाली बात होगी कि सरकार छात्रों की इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और JPSC-JSSC आंदोलन को खत्म कराने के लिए अगला कदम क्या उठाती है.