पेपर लीक सिंडिकेट का खेल: एजेंसी से चोरी हुए प्रश्न पत्र, WhatsApp के जरिए सप्लाई, 3-3 लाख की एडवांस डील
Ranchi: झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच तेज कर दी गई है. मामले को लेकर रांची के तमाड़ थाने में दर्ज एफआईआर में भी कई खुलासे हुए हैं. रांची पुलिस ने तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज से झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों को प्रश्न पत्र याद करवाने एवं उन्हें परीक्षा में पास कराने के मामले में गिरफ्तार 166 लोगों को सोमवार को जेल भेज चुकी है. इसमें गिरोह के सरगना समेत अभ्यर्थी भी शामिल हैं.
व्हाट्सएप पर आया था प्रश्न पत्र
मामले को लेकर रांची के तमाड़ थाने में दर्ज एफआईआर इस बड़े जालसाजी गिरोह के कारनामे की पोल खोल रही है. मामले में गिरफ्तार पटना निवासी विकास कुमार के पास से पुलिस ने दो मोबाइल फोन बरामद किया है. जिसमें व्हाट्सएप चेक करने पर प्रश्न पत्र मिला.
पूछताछ में आरोपी विकास ने पुलिस को बताया कि उत्पाद सिपाही परीक्षा के प्रश्न पत्र संचालन एजेंसी से प्रश्न पत्र चोरी किए गए थे. चुनचुन नामक व्यक्ति ने उस प्रश्न पत्र को चोरी करने के बाद आरोपी विकास के व्हाट्सएप पर भेजा था. रड़गांव स्थित अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में मौजूद अभ्यर्थियों को आरोपी उसी प्रश्न पत्र का उत्तर याद करवा रहा था.
रांची पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी पटना निवासी चुनचुन, अभिषेक यादव, मुजफ्फरपुर के आदित्य सिंह, पटना के छोटू, फिरोज, रांची के बरियातू के विनोद कुमार, नवादा के कृष्णा कुमार अभ्यर्थियों को चिरौंदी के वृन्दावन कॉलोनी लाए थे. वहीं, रामगढ़ के मांडू निवासी आशीष कुमार, गुलाब यादव, योगेश यादव, अतुल वत्स एवं कई एजेंटों के संपर्क में रहे, जिसके माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का लालच देकर लाया गया था. पुलिस को आरोपियों के मोबाइल की जांच करने पर कई एडमिट कार्ड भी मिले हैं.
पूछताछ में खुलासा हुआ था कि प्रत्येक अभ्यर्थियों से गिरोह के सरगना समेत अन्य गुर्गों ने तीन-तीन लाख रुपए एडवांस के तौर पर लिया था. जिसका जिक्र पुलिस ने अपने एफआईआर में भी किया है. सॉल्वर गैंग ने 159 अभ्यर्थियों से कुल 4.77 करोड़ रुपए एडवांस के तौर पर लिया था और प्रत्येक अभ्यर्थियों से दस लाख रुपए में सौदा तय हुआ था. अभ्यर्थियों और गिरोह के गुर्गों के बीच यह भी तय हुआ था कि प्रत्येक अभ्यर्थियों को शेष सात लाख रुपए पास होने के बाद उन्हें देना था.
पुलिस जांच और आरोपियों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि इन अभ्यर्थियों को रड़गांव से सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में लाने के लिए वाहनों का भी इंतजाम किया गया था. सॉल्वर गैंग के साथ तमाड़ नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कर रहे ठेकेदार और मालिक की भी मिलीभगत है. ठेकेदार ने अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों के ठहरने व खाने पीने की पूरी व्यवस्था की थी. इस एवज में गैंग में शामिल गुर्गों से मोटी रकम भी ली गई थी. पूछताछ में गिरफ्तार गैंग के गुर्गों ने यह भी बताया कि एक महीने पहले ही ठेकेदार और गैंग के बीच बातचीत हो चुकी थी.
अभ्यर्थियों को लाने के लिए किराए पर ली थी कुछ गाड़ियां
रांची पुलिस ने आरोपियों से अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज से जब्त की गई गई गाड़ियों के बारे में भी जानकारी ली. पता चला कि गिरोह में शामिल गुर्गों ने कुछ गाड़ियों को भाड़े पर लिया था, ताकि अभ्यर्थियों को रड़गांव लाया जा सके. गिरफ्तार आरोपी आशीष कुमार ने पुलिस को बताया कि स्विफ्ट गाड़ी उनकी है. जिसका इस्तेमाल परीक्षार्थियों को ले जाने में किया गया था. वहीं, दो अन्य गाड़ियां किराए पर ली गई थी. आरोपी छोटू की एक कार थी. अन्य गाड़ियां गिरोह के गुर्गों की भी थी.
इन लोगों को भेजा गया जेल
विकास कुमार, उम्र 41 वर्ष, पिता सुरेश प्रसाद, पता सहदरा रामधानी रोड, थाना माल सलामी, जिला पटना (बिहार), सरगना अतुल वत्स, उम्र 38 वर्ष, पिता अरूण कुमार, सा० बंधुगंज, थाना होसी, जिला जहानाबाद (बिहार), वर्तमान पता जया अपार्टमेंट फ्लैट नं0 204 ब्लक बी, नेहरू नगर बोरींग रोड पटना, आशिष कुमार, उम्र 37 वर्ष, पिता सुन्दर साव, सा० चैनपुर, थाना मांडू, जिला रामगढ़, योगेश प्रसाद, उम्र 34 वर्ष, पिता दिलदार नोनिया, सा० केदला, पो० केदला, थाना माण्डू, जिला रामगढ़, मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह, उम्र 32 वर्ष, पिता धरीक्षण राय उर्फ डीके राय, सा० सरैया गोपाल, थाना पताही, जिला पूर्वी चम्पारण (बिहार), रमीज अंसारी, उम्र 34 जिला रांची, इल्फाज खान, उम्र 40 वर्ष, पिता जलील बान, सा० अपर हटिया थाना, वर्ष, पिता स्व० इदरीश अंसारी, सा० सिलादोन, थाना धुर्वा, जिला रांची जगरनाथपुर, जिला रांची लोगों को जेल भेजा गया. जिसमें पुरुष परीक्षार्थी 152, महिला परीक्षार्थी 7 यानी कुल 166 अभियुक्त शामिल हैं.