JPSC भर्ती में नंबरों से खेल? कॉपियों में काट-छांट और नंबरों में हेरफेर कर तैयार की गई मेरिट लिस्ट

Ranchi:जांच में सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में कथित तौर पर काट-छांट की गई और प्राप्त अंकों में हेरफेर कर मेरिट लिस्ट तैयार की गई. इस खुलासे के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
 

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में कथित तौर पर काट-छांट की गई और प्राप्त अंकों में हेरफेर कर मेरिट लिस्ट तैयार की गई. इस खुलासे के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों में बदलाव और ओवरराइटिंग के कई मामले सामने आए हैं. आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए मूल्यांकन के बाद भी अंकों में फेरबदल किया गया, जिससे अंतिम मेरिट सूची प्रभावित हुई.

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई उत्तर पुस्तिकाओं में काट-छांट, अलग-अलग स्याही का इस्तेमाल और अंक संशोधित किए जाने के प्रमाण मिले हैं. इन तथ्यों के आधार पर जांच एजेंसियां पूरे चयन प्रक्रिया की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में जुटी हैं.

इस मामले के सामने आने के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि मेरिट सूची में अनियमितता साबित होती है तो पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

वहीं, इस मामले की सुनवाई अदालत में भी जारी है. जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों और उत्तर पुस्तिकाओं की फॉरेंसिक जांच के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही हैं. यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो कई नियुक्तियां और संबंधित अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है.

JPSC नियुक्ति विवाद पहले से ही राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है. अब कॉपियों में कथित हेरफेर और मेरिट लिस्ट तैयार करने में अनियमितताओं के आरोपों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया में किस स्तर तक गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.