देवघर में पीएनजी योजना अधर में, देवघर में महीनों बाद भी कई घरों में नहीं शुरू हो सकी पीएनजी सप्लाई...
Deoghar: देशभर में जारी गैस संकट के बीच झारखंड का देवघर भी इससे अछूता नहीं है. महंगे एलपीजी सिलेंडर से राहत दिलाने के लिए अब प्रशासन पाइपलाइन गैस (PNG) व्यवस्था को तेजी से विस्तार देने में जुट गया है. जिला प्रशासन, गैस कंपनियों और संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं ताकि जल्द से जल्द घर-घर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
देवघर में फिलहाल सैकड़ों घरों में पाइपलाइन के जरिए गैस की सप्लाई शुरू हो चुकी है, लेकिन स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है. बड़ी संख्या में ऐसे घर हैं जहां पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन अब तक गैस की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है.
जब पाइपलाइन है, तो गैस क्यों नहीं?
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अभी करीब 512 घरों में पाइपलाइन से गैस पहुंच रही है, जबकि लगभग दो हजार घरों तक पाइपलाइन नेटवर्क तैयार हो चुका है. लेकिन कई उपभोक्ताओं द्वारा कनेक्शन नहीं लेने की वजह से सप्लाई शुरू नहीं हो पा रही है.
जिला प्रशासन अब इस समस्या के समाधान के लिए एक्शन मोड में है. जल्द ही शहरी क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां लोगों को ऑन-द-स्पॉट नए गैस कनेक्शन दिए जाएंगे. इसका उद्देश्य है कि जिन घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां बिना देरी के गैस आपूर्ति शुरू की जा सके.
गैस की बढ़ती कीमतों के बीच पाइपलाइन गैस को लोगों के लिए राहत का विकल्प माना जा रहा है. जिन उपभोक्ताओं के घरों में पहले से PNG सुविधा चालू है, उनका कहना है कि इससे हर महीने ढाई सौ से तीन सौ रुपये तक की बचत हो रही है. साथ ही सिलेंडर खत्म होने की चिंता भी खत्म हो जाती है.
वहीं, जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक PNG व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, तब तक इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की एजेंसियां नियमित रूप से एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित करें. साथ ही कालाबाजारी पर सख्त नजर रखने को भी कहा गया है. हाल ही में उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि शहरी क्षेत्र के अधिकतम घरों तक पाइपलाइन गैस की सुविधा जल्द पहुंचाई जाए. अब देखना यह है कि जिन घरों में पाइपलाइन पहले से मौजूद है, वहां गैस सप्लाई कब तक शुरू हो पाती है.