छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से सियासत तेज, कांग्रेस और झामुमो ने केंद्र सरकार को बताया 'तानाशाह'
Jharkhand: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने का आरोप लगाया है. दोनों दलों ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है.
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और उन्हें संसद की ओर बढ़ने से रोकना सरकार की "तानाशाही मानसिकता" को दर्शाता है. पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों और छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार विरोध की हर आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है.
झामुमो और कांग्रेस ने छात्र-छात्राओं पर हुए 'बर्बर' बल प्रयोग की तीखी आलोचना की है. दोनों दलों ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. झामुमो ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और संसद मार्च की तुलना संपूर्ण क्रांति के समय से करते हुए कहा कि युवाओं-छात्र, छात्राओं की जायज मांग को मानने की जगह, जिस तरह की 'बर्बरता' दिल्ली पुलिस ने दिखाई है, उससे साफ है कि केंद्र की मोदी सरकार कितनी 'निरंकुश' हो चुकी है?
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने बताया कि 22 मेधावी NEET छात्र-छात्राओं द्वारा आत्महत्या कर लेने के बावजूद एक शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तक तय नहीं हो पा रही है, जो ये दर्शाता है कि केंद्र सरकार पूरी तरह 'निरंकुश' हो चुकी है.
छात्रों के हक की आवाज मजबूती से उठाएगा झामुमो: मनोज पांडेय
जेएमएम के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि उनकी पार्टी, झामुमो इंडिया ब्लॉक का मजबूत साझेदार है. ऐसे में छात्र-छात्राओं और युवा पीढ़ी के मामले को बहुत मजबूती से मानसून सत्र के दौरान उठाएंगे. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सामने उनकी पढ़ाई और उनके भविष्य का मसला अहम है और झामुमो युवा पीढ़ी का भविष्य खराब होते नहीं देख सकता. झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि आज जिस तरह से छात्र उद्वेलित हैं और केंद्र सरकार के प्रति उनकी नाराजगी है, उससे साफ है कि छात्रों का यह आक्रोश, केंद्र की मोदी सरकार को काफी महंगी पड़ने वाली है. छात्रों का यह आक्रोश मोदी सरकार की ताबूत में आखिरी 'कील' साबित हो सकती है.
निरंकुश केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकेंगे: अभिलाष साहू
वहीं दिल्ली में संसद मार्च के लिए निकले छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करते हुए झारखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष अभिलाष साहू ने कहा कि आज मोदी सरकार ने अपनी 'तानाशाही' और 'निरकुंश' चेहरा उजागर कर दिया है, अभी और खराब दिन आने वाले हैं लेकिन विपक्ष कमजोर नहीं है, आने वाले दिनों में हम पूरी मजबूती से इस संविधान विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे.
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी, आइसा से जुड़े छात्र-छात्राओं के आंदोलन और सोनम वांगचुक के आह्वान पर संसद भवन मार्च के लिए बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, समाजसेवी और अन्य लोग जंतर मंतर से निकले थे लेकिन जगह-जगह पुलिस बैरिकेडिंग करके उन्हें संसद भवन जाने से रोकने के दौरान उन पर दिल्ली पुलिस के जवानों ने बल प्रयोग किया.