झारखंड में सियासी संग्राम तेज! अब हर तीन महीने में बनेगी नई रणनीति, भाजपा ने कार्यकर्ताओं को दिया बड़ा टास्क

झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ भाजपा ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है. रांची में प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव पेश किया, जबकि चंपाई सोरेन समेत कई नेताओं ने इसका अनुमोदन किया.

 

Ranchi:  झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने राजनीतिक मोर्चे पर अपनी सक्रियता बढ़ाने का फैसला किया है। रांची के सुकुरहट्टू स्थित हवेली बैंक्वेट हॉल में आयोजित प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिन राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें भाजपा ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, वादाखिलाफी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने ऐलान किया कि राज्य के सभी 595 सांगठनिक मंडलों में सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, मधु कोड़ा और विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी व मंजू कुमारी ने इसका अनुमोदन किया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का संदेश दिया।

तीन साल बाद हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक

रांची में लगभग तीन साल के अंतराल के बाद प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। इससे पहले 23 और 24 जनवरी 2023 को देवघर में बैठक हुई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने निर्देश दिया कि अब प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हर तीन महीने में नियमित रूप से आयोजित की जाए। पार्टी के मुताबिक, नई कार्यसमिति के गठन की प्रक्रिया के कारण इस बार बैठक में देरी हुई।

जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरने का आह्वान

समापन सत्र में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह ने झारखंड में विकास की गति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांवों और शहरों में जाकर आम लोगों की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

वहीं, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रमंडल स्तर पर विशेष प्रभारियों की नियुक्ति और उनके कम से कम सात दिनों तक क्षेत्र में प्रवास करने का निर्देश दिया।

वाल्मीकि जयंती से जनजातीय गौरव दिवस तक कार्यक्रमों की तैयारी

बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। कार्यकर्ताओं को 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ‘रन फॉर यूनिटी’ और 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य तरीके से मनाने का निर्देश दिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जिला अध्यक्षों से स्थानीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया।

भाजपा नेताओं ने जताया सत्ता में वापसी का भरोसा

प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का उल्लेख करते हुए झारखंड में भाजपा की सरकार बनने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के अनुभवी और समर्पित कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं।

दो दिवसीय बैठक में सौदान सिंह, पवन साय, गजेंद्र सिंह पटेल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक रणनीति पर विचार रखे। बैठक के बाद भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति पर जोर दिया।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा अपने घोषित कार्यक्रम के तहत सभी 595 सांगठनिक मंडलों में आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाती है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।