झारखंड में असम विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज, क्या JMM की एंट्री से कांग्रेस डर रही..जानिए भाजपा का क्या है रिएक्शन...

Ranchi: नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने असम चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया. जेएमएम पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में तो जेएमएम चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाई, अब देखते हैं असम और बंगाल में कितनी सीटों पर लड़ती है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में कितना उठापटक किया, फिर भी हिम्मत नहीं जुटाई. यदि असम में लड़ती है तो अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि जेएमएम वहां चुनाव नहीं लड़ पाएगी.
 

Ranchi: असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में होंगे और मतगणना 4 मई 2026 को होगी. लेकिन विधानसभा चुनावों से पहले झारखंड में असम को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने असम चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है, जिससे कांग्रेस में बेचैनी बढ़ गई है. वहीं, भाजपा इसे महज नौटंकी करार दे रही है.

जेएमएम नेता और राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि पार्टी ने देश के आदिवासियों की आवाज बनने का बीड़ा उठाया है. गठबंधन होगा या नहीं, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा, "असम का चुनाव नजदीक आने दीजिए, गठबंधन के साथ लड़ेंगे या अकेले, यह सब स्पष्ट हो जाएगा."

कांग्रेस नेता और झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि पार्टी असम सहित पांच राज्यों के चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्हें असम चुनाव प्रचार के लिए भेजा जा रहा है. कई कांग्रेस नेता और मंत्री उनके साथ शामिल होंगे. प्रदेश अध्यक्ष जिस जिले की जिम्मेदारी देंगे, वहां काम करेंगे. गठबंधन पर उन्होंने कहा कि हर दल अपना वोट प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश करता है और गठबंधन तब होता है जब सरकार बनानी हो. पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सभी बिंदुओं पर विचार कर रहा है.

नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने असम चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया. जेएमएम पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में तो जेएमएम चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाई, अब देखते हैं असम और बंगाल में कितनी सीटों पर लड़ती है. उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में कितना उठापटक किया, फिर भी हिम्मत नहीं जुटाई. यदि असम में लड़ती है तो अच्छी बात है, लेकिन मुझे लगता है कि जेएमएम वहां चुनाव नहीं लड़ पाएगी.

असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं. यहां कांग्रेस पिछले 10 वर्षों से सत्ता से बाहर है. 2021 के असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'महाजोट' गठबंधन ने 126 में से 50 सीटें जीती थीं, जो 2016 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन था. इसमें अकेले कांग्रेस को 29 सीटें मिली थीं. वर्तमान में कांग्रेस असम की मुख्य विपक्षी पार्टी है.

इस बार जेएमएम ने असम चुनाव लड़ने की घोषणा की है. जेएमएम अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो बार असम का दौरा कर चुके हैं. पार्टी आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश में जुटी है.