महिलाओं के 33% आरक्षण पर रोक का आरोप, रघुवर दास का विपक्ष पर सीधा वार...

Dhanbad: न्होंने आगे बताया कि इसी सोच के तहत केंद्र सरकार ने 2023 में लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन विधेयक पेश किया था लेकिन जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले दलों ने इसे आगे नहीं बढ़ने दिया. बाद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक लाया गया, जिसका भी विपक्षी दलों ने विरोध किया.
 

Dhanbad: बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम रघुवर दास ने महिला आरक्षण विधेयक पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा किया है. रघुवर दास ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, झामुमो, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है. अपने आरोप में उन्होंने कहा कि इन दलों ने विधेयक को रोककर महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में बाधा डाली है, जिसे देश और झारखंड की जनता भूलने वाली नहीं है.

रघुवर दास ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्वच्छता अभियान के तहत करोड़ों घरों में शौचालय बनवाकर महिलाओं की गरिमा बढ़ाई है. मुद्रा योजना जैसी पहल से भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया गया है. आज महिलाएं सेना, खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं.

उन्होंने आगे बताया कि इसी सोच के तहत केंद्र सरकार ने 2023 में लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए नारी शक्ति वंदन विधेयक पेश किया था लेकिन जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले दलों ने इसे आगे नहीं बढ़ने दिया. बाद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक लाया गया, जिसका भी विपक्षी दलों ने विरोध किया.

पूर्व सीएम रघुवर दास के मुताबिक, यदि यह विधेयक पारित हो जाता तो 2029 तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण मिल सकता था. उन्होंने बताया कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया में समय लगता है, इसलिए सरकार ने सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था ताकि किसी वर्ग को नुकसान न हो. बावजूद इसके विपक्ष ने इसे रोक दिया.

अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस, झामुमो, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियों का महिला विरोधी रवैया अब जनता के सामने आ चुका है और देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी. मीडिया द्वारा पूछे जाने पर क्या पश्चिम बंगाल चुनाव पर इसका कोई असर दिखेगा तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूरे देश की महिलाएं इसका जवाब देंगी.