रांची में बारिश ने बढ़ाया डैमों का दबाव, कांके का फाटक 6 इंच खुला; रुक्का-गेतलसूद के भी 2 गेट खोले गए
Jharkhand News: राजधानी रांची में लगातार हो रही बारिश ने शहर के प्रमुख जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। भारी बारिश के बीच कांके, रुक्का-गेतलसूद और हटिया डैम पर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। जलस्तर बढ़ने के बाद शनिवार को रुक्का-गेतलसूद डैम के दो फाटकों को 4-4 इंच और कांके डैम के एक फाटक को 6 इंच तक खोल दिया गया।
इस मानसून में यह चौथी बार है, जब कांके डैम का फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ी है।
कांके डैम का जलस्तर 28 फीट पर पहुंचा
लगातार बारिश के कारण कांके डैम का जलस्तर शनिवार सुबह अपनी 28 फीट की क्षमता तक पहुंच गया। इसके बाद सुबह करीब सात बजे फाटक को पहले से खुले 2 इंच से बढ़ाकर 6 इंच कर दिया गया।
कांके डैम के इंचार्ज नागेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, जलस्तर 28 फीट तक पहुंचने के बाद डैम पर पानी का दबाव नियंत्रित रखने के लिए ज्यादा पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
बताया गया कि कांके डैम का फाटक 23 सितंबर से 4 इंच तक खुला था। बीच में बारिश की स्थिति को देखते हुए इसे 2 इंच किया गया था, लेकिन पिछले दिन से जारी तेज बारिश के बाद फिर से इसे 6 इंच तक खोलना पड़ा।
रुक्का-गेतलसूद के दो फाटक खुले
रांची के प्रमुख जलस्रोतों में शामिल रुक्का-गेतलसूद डैम का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। 36 फीट क्षमता वाले इस डैम में शनिवार को पानी का स्तर 34.3 फीट तक पहुंच गया।
जलस्तर बढ़ने के बाद सुबह करीब 8 बजे डैम के दो फाटकों को 4-4 इंच खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार, डैम के किनारे पानी का दबाव कम रखने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
इस मानसूनी सीजन में रुक्का-गेतलसूद डैम के फाटक तीसरी बार खोले गए हैं।
रांची की आधी आबादी को यहीं से मिलती है पानी की सप्लाई
रुक्का-गेतलसूद डैम रांची के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राजधानी के बड़े हिस्से में पेयजल आपूर्ति इसी जलाशय पर निर्भर है। अधिकारियों के मुताबिक, यहां से रांची की करीब आधी आबादी तक पानी पहुंचाया जाता है।
ऐसे में लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने पर विभाग की नजर डैम की सुरक्षा के साथ-साथ पानी की निकासी और आपूर्ति व्यवस्था पर भी बनी हुई है।
हटिया डैम भी क्षमता के करीब
धुर्वा स्थित हटिया डैम का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। 39 फीट क्षमता वाले हटिया डैम में पानी का स्तर 36 फीट के पार पहुंच गया है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल पानी गेट की ऊंचाई से नीचे है।
डैम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्क्रबर वाल्व पहले ही खोल दिया गया है। इसके जरिए पानी के साथ जमा कचरे को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है। जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम का असर
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन से विकसित सिस्टम को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। यह सिस्टम शनिवार सुबह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास पहुंचा और उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है।
इसके प्रभाव से रांची में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण शहर के जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है, जिसके चलते डैमों के फाटकों को खोलकर नियंत्रित तरीके से पानी बाहर निकाला जा रहा है।
फिलहाल तीनों प्रमुख डैमों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश का सिलसिला जारी रहने पर जलाशयों के फाटकों से पानी की निकासी की स्थिति में आगे भी बदलाव हो सकता है।