Ranchi Swine Flu Alert: 3 नए मरीज मिले, दो बच्चे वेंटिलेटर पर; स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
Ranchi: राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच के दौरान तीन नए मरीजों में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें दो छोटे बच्चे शामिल हैं, जिनका रानी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों बच्चों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं, एक अन्य संक्रमित मरीज रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू में भर्ती है।
स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। यह मुख्य रूप से नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के जरिए निकलने वाली बूंदों से इसका संक्रमण फैल सकता है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी, हाथ मिलाने से बचने की सलाह
राजधानी में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें फिलहाल एक-दूसरे से हाथ मिलाने से बचने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गयी है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर, बाजार, कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी, जांच और अस्पतालों की तैयारियों को भी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
रांची में एक दिन में 3 नए केस, दो बच्चे गंभीर
मंगलवार को रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में चार मरीजों के सैंपल जांच के लिए आए थे। जांच में तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली।
इन संक्रमितों में दो बच्चे हैं। एक बच्चे की उम्र करीब पांच महीने और दूसरे की उम्र करीब डेढ़ महीने बतायी गयी है। दोनों का रानी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं, तीसरा संक्रमित मरीज रिम्स के सुपर स्पेशियलिटी आईसीयू में भर्ती है।
रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अब तक 34 सैंपलों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 11 रिपोर्ट पॉजिटिव आयी हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार राज्य में अब तक 39 से अधिक स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं।
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
स्वाइन फ्लू ज्यादातर स्वस्थ लोगों में हल्के से मध्यम स्तर का संक्रमण पैदा करता है और कई मामलों में मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। हालांकि, कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, अस्थमा, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों तथा कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों में गंभीर संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है।
गंभीर स्थिति में निमोनिया, सांस लेने में परेशानी और शरीर में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण क्या हैं?
स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं—
- तेज बुखार
- खांसी
- गले में खराश
- नाक बहना या बंद होना
- सिरदर्द
- शरीर में दर्द
- अत्यधिक थकान
वहीं सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या होंठ और चेहरे का नीला पड़ना गंभीर लक्षण माने जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
संक्रमण से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार संक्रमण से बचने के लिए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- फिलहाल हाथ मिलाने से बचें।
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या कपड़े से ढकें।
- हाथों को नियमित रूप से साफ करते रहें।
- गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
- सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवा न लें।
- बुखार, खांसी या सांस संबंधी परेशानी होने पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लें।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करने की अपील भी की है।
घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों की निगरानी बढ़ायी जा रही है। रांची में सदर अस्पताल में भी स्वाइन फ्लू की जांच शुरू करने की तैयारी की गयी है, जिससे संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान और इलाज किया जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग घबराने के बजाय सावधानी बरतें। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।