रांची के चर्चित कांके लैंड स्कैम में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कमलेश से जुड़ी 66 एकड़ जमीन को किया अटैच
Ranchi: रांची के बहुचर्चित कांके भूमि घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कमलेश से जुड़ी करीब 66 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त (Provisional Attachment) कर लिया है. जब्त की गई संपत्ति की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है.
इसकी अनुमानित कीमत 85 करोड़ रुपये आंकी गयी है. इडी ने जांच में पाया था कि कांके और नगड़ी अंचल क्षेत्र में कमलेश ने जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध तरीके से उनकी खरीद-बिक्री की और उन पर कब्जा किया. इसमें कई अधिकारियों की संलिप्तता पर भी संदेह हैं, जिसकी इडी जांच कर रही है. इडी की जांच में खुलासा हुआ है कि 66 एकड़ जमीन के एक हिस्से की बिक्री कर दी गयी थी, जबकि शेष जमीन का हस्तांतरण नहीं हो पाया था.
ईडी की जांच में सामने आया है कि यह जमीन कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों, जालसाजी और अवैध तरीके से अपने नाम कराई गई थी. एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामले की जांच कर रही है. जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है.
एजेंसी ने मामले में पहले ही कमलेश कुमार सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. फिलहाल मामले की जांच जारी है. इडी के अनुसार, कमलेश कुमार सिंह और उसके सहयोगियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ कांके अंचल क्षेत्र की जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी की. आरोप है कि गैर-मजरूआ, भुइंहरी, आदिवासी और सरकारी प्रकृति की जमीनों के दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर उनकी सामान्य जमीन के रूप में खरीद-बिक्री की गयी.
यह मामला रांची के कांके क्षेत्र की सरकारी और रैयती जमीन की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। ईडी पहले भी इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है और कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे. अब 66 एकड़ जमीन की कुर्की को इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है.
2024 में गिरफ्तार हुआ था कमलेश, घर से मिले थे एक करोड़
इडी ने 26 जुलाई 2024 को कमलेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था और उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी में उसके आवास से एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी और 100 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे. बाद में एजेंसी ने मनी लाउंड्रिंग के तहत जांच को आगे बढ़ाया.
ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और भूमि घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.