रांची को मिलेंगे 3 नए फ्लाइओवर! टेंडर फाइनल, अक्तूबर से निर्माण शुरू
Ranchi: राजधानी रांची में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने और प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या कम करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। शहर में प्रस्तावित करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापुटोली और हरमू फ्लाइओवर के निर्माण का टेंडर फाइनल हो गया है। तीनों परियोजनाओं के लिए अलग-अलग कंपनियों का एल-वन चयन किया गया है।
अब रेट नेगोशिएशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित कंपनियों को काम आवंटित किया जाएगा। तैयारी है कि अक्तूबर 2026 से तीनों फ्लाइओवर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रांची के कई प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
तीनों फ्लाइओवर के लिए अलग-अलग कंपनियां चयनित
तीनों परियोजनाओं के लिए अलग-अलग निर्माण कंपनियों को एल-वन के रूप में चुना गया है। जानकारी के अनुसार:
- करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर: शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी
- अरगोड़ा-चापुटोली फ्लाइओवर: दिनेश चंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन कंपनी
- हरमू फ्लाइओवर: हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC), मुंबई
तीनों फ्लाइओवर का निर्माण स्टेट हाइवे ऑथोरिटी ऑफ झारखंड (SAJ) की ओर से कराया जाएगा। परियोजनाओं को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड में पूरा किया जाएगा।
EPC मॉडल के तहत चयनित कंपनी को परियोजना के डिजाइन से लेकर निर्माण तक की जिम्मेदारी दी जाती है। जरूरत पड़ने पर कंपनी तकनीकी आधार पर डिजाइन में मामूली बदलाव का प्रस्ताव भी दे सकती है।
हरमू फ्लाइओवर: 3.5 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
रांची की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हरमू फ्लाइओवर की लंबाई करीब 3.5 किलोमीटर होगी। इसका निर्माण सहजानंद चौक के पहले से शुरू होकर हरमू रोड होते हुए रातू रोड को क्रॉस करते हुए कांके रोड स्थित जज कॉलोनी तक प्रस्तावित है।
इस परियोजना के लिए दोबारा टेंडर किया गया था। इस बार करीब 326.61 करोड़ रुपये की योजना का टेंडर जारी हुआ था।
फ्लाइओवर पर सहजानंद चौक की ओर से आने वाले वाहनों के लिए रातू रोड जाने की अलग व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके लिए गोशाला के सामने वाहनों के उतरने की व्यवस्था की जाएगी। इससे संबंधित मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अरगोड़ा-चापुटोली फ्लाइओवर से कई इलाकों को फायदा
अरगोड़ा फ्लाइओवर परियोजना के लिए 223.14 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था। इसकी कुल लंबाई करीब 3.804 किलोमीटर होगी।
प्रस्तावित फ्लाइओवर हरमू रोड में काव्स रेस्टोरेंट के पास से शुरू होकर डिबडीह ब्रिज के पहले तक जाएगा। इसके साथ ही अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ की ओर चापुटोली और अशोक नगर रोड नंबर-3 तक भी फ्लाइओवर का निर्माण किया जाएगा।
परियोजना में राउंडअबाउट की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे चारों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को आवाजाही में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर की लंबाई 3.216 किमी
करमटोली-चिरौंदी फ्लाइओवर का निर्माण करमटोली चौक से साइंस सिटी यानी चिरौंदी तक किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 3.216 किलोमीटर होगी।
इसमें मुख्य फ्लाइओवर की लंबाई करीब 2.7 किलोमीटर होगी, जबकि करीब 0.52 किलोमीटर लिंक रोड मोरहाबादी की ओर बनाया जाएगा।
इस लिंक रोड का इस्तेमाल मोरहाबादी मैदान और स्टेडियम की ओर से आने-जाने वाले वाहन कर सकेंगे। इस परियोजना के लिए 351 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था।
रांची की ट्रैफिक व्यवस्था में होगा बदलाव
तीनों फ्लाइओवर परियोजनाओं का उद्देश्य रांची के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करना और वाहनों की आवाजाही को आसान बनाना है। हरमू, अरगोड़ा, करमटोली, मोरहाबादी, चिरौंदी और आसपास के क्षेत्रों में इन परियोजनाओं का सीधा असर पड़ने की उम्मीद है।
फ्लाइओवर के निर्माण से चौक-चौराहों पर वाहनों के रुकने की समस्या कम हो सकती है और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अपेक्षाकृत तेज रास्ता मिल सकेगा।
HCC के पास बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का अनुभव
हरमू फ्लाइओवर के लिए एल-वन चयनित हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC), मुंबई को बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम करने का अनुभव है। कंपनी ने देश की कई महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं में काम किया है, जिनमें बांद्रा-वर्ली सी लिंक जैसी चर्चित परियोजना भी शामिल है।
अब रेट नेगोशिएशन और काम आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हरमू फ्लाइओवर के निर्माण की जिम्मेदारी कंपनी को मिलने की उम्मीद है।
अक्तूबर से निर्माण शुरू कराने की तैयारी
तीनों फ्लाइओवर के टेंडर फाइनल होने के बाद अब निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। संबंधित विभाग की तैयारी अक्तूबर 2026 से तीनों परियोजनाओं का निर्माण शुरू कराने की है।
अगर तय समय के अनुसार काम शुरू होता है, तो आने वाले वर्षों में रांची के ट्रैफिक नेटवर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।