गणतंत्र दिवस पर रांची का ऐतिहासिक शहीद स्मारक देशभक्ति के रंग में आया नजर, राज्यपाल संतोष गंगवार ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी...
Ranchi: गणतंत्र दिवस के मौके पर शहीद स्मारक में आयोजित यह समारोह न केवल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करने का अवसर बना, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के संदेश को भी मजबूत करता नजर आया...
Jan 26, 2026, 15:43 IST
Ranchi: राजधानी रांची के शहीद चौक के समीप और जिला स्कूल परिसर में स्थित ऐतिहासिक शहीद स्मारक एक बार फिर गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया.
1857–58 के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को समर्पित इस स्थल पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने पूरे सम्मान और गरिमा के साथ तिरंगा फहराया और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
रंगा रंग कार्यक्रम का आयोजन
सुबह से ही शहीद स्मारक परिसर में उत्सव का माहौल बना हुआ था. सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शहीद स्मारक समिति के सदस्य, स्कूली छात्र और आम नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में शामिल हुए.
जैसे ही राज्यपाल ने तिरंगा फहराया, पूरा परिसर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से गूंज उठा. राष्ट्रगान के दौरान मौजूद हर व्यक्ति का सिर गर्व से ऊंचा नजर आया.
शहीद स्मारक स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है. इसी स्थल पर 16 अप्रैल 1858 को ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव और 21 अप्रैल 1858 को पांडे गणपत राय को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी दी थी.
इतिहासकारों के अनुसार यह स्थान न केवल दो महान शहीदों, बल्कि 1857–58 के जन आंदोलन में शामिल कई स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी का साक्षी रहा है. गणतंत्र दिवस के अवसर पर इन शहीदों के बलिदान को याद करते हुए पुष्प अर्पित किए गए.
प्रोग्राम के दौरान, शहीद स्मारक कॉम्प्लेक्स का माहौल देशभक्ति के गानों और प्रेरणा देने वाले नारों से इमोशन और देशभक्ति के जोश से भर गया. स्कूली बच्चों और स्थानीय संगठनों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया.
समारोह में उपस्थित लोगों ने शहीदों के त्याग और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आजादी और संविधान की रक्षा का संकल्प ऐसे आयोजनों से और मजबूत होता है.
शहीद स्मारक में हर वर्ष 26 जनवरी गणतंत्र दिवस और 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विशेष राजकीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. यह परंपरा वर्ष 1957 से निरंतर चली आ रही है.
गणतंत्र दिवस पर प्रोटोकॉल के तहत राज्यपाल यहां आकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं, जबकि स्वतंत्रता दिवस के दिन मुख्यमंत्री शहीदों के चरणों में पुष्प अर्पित करते हैं. इन दोनों राष्ट्रीय पर्वों पर 40 से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों पर माला चढ़ाई जाती है.
यह ऐतिहासिक स्थल एक बार फिर गौरव का प्रतीक बना
स्थानीय लोगों के लिए शहीद स्मारक सिर्फ एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और प्रेरणा का केंद्र है.
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर यहां जुटने वाली भीड़ यह दर्शाती है कि शहीदों की कुर्बानी आज भी लोगों में जीवित है. युवा पीढ़ी के लिए यह स्थल देशप्रेम, संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को समझने का सशक्त माध्यम बनता है.
गणतंत्र दिवस के मौके पर शहीद स्मारक में आयोजित यह समारोह न केवल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करने का अवसर बना, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के संदेश को भी मजबूत करता नजर आया.
तिरंगे की शान, देशभक्ति की गूंज और शहीदों को समर्पित यह ऐतिहासिक स्थल राजधानी रांची के लिए एक बार फिर गौरव का प्रतीक बना.