NEET विवाद पर रिम्स जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का समर्थन, छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील

Ranchi: वहीं 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया है. इसको लेकर राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (RJDA) ने अपनी बात प्रेस बयान के माध्यम से सार्वजनिक की है.
 

Ranchi: NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया की मांग का समर्थन किया है. एसोसिएशन ने कहा कि देशभर के मेडिकल अभ्यर्थियों को निष्पक्ष परीक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए.

JDA ने अपने बयान में कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है. छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए ताकि उनकी शंकाओं का उचित समाधान हो सके और परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कायम रहे. एसोसिएशन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित बल प्रयोग की भी निंदा की. JDA का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है और ऐसे मामलों में संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए.

वहीं 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया है. इसको लेकर राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (RJDA) ने अपनी बात प्रेस बयान के माध्यम से सार्वजनिक की है.

रिम्स जूनियर डॉक्टरर्स एसोसिएशन ने अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, महासचिव और उपाध्यक्ष के हस्ताक्षर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है. जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के प्रति एकजुटता व्यक्त की है. साथ ही परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है.

रिम्स JDA की ओर से कहा गया है कि वह उन सभी लोगों के साथ खड़ा है, जो देश की परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की मांग कर रहे हैं. एसोसिएशन का मानना है कि मेडिकल जैसे महत्वपूर्ण पेशे में प्रवेश के लिए मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता सर्वोपरि है. चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता भविष्य के डॉक्टरों तथा पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर खराब असर डालेगा.

प्रेस बयान में कहा गया है कि NEET विवाद ने देशभर के मेडिकल समुदाय और छात्र-छात्राओं के बीच गहरी चिंता पैदा की है. यदि परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर होता है तो इससे लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा. रिम्स JDA ने कहा कि जंतर-मंतर पर लगातार हो रहे प्रदर्शन, इस बात का संकेत है कि इस पूरे मामले में सरकार और संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए.

रिम्स JDA ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ डॉक्टरों और अन्य लोगों पर पुलिसिया बल प्रयोग और हिंसा की कड़ी निंदा की है. एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों, छात्रों और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले नागरिकों पर किसी भी प्रकार का हमला अस्वीकार्य है. संगठन ने मांग की है कि घायल लोगों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. साथ ही डॉक्टरों की आवाज दबाने की कोशिश न हो.

प्रेस बयान में कहा गया है कि देशभर के डॉक्टर हमेशा कठिन परिस्थितियों में भी जनसेवा के लिए समर्पित रहे हैं. ऐसे में उन्हें अपनी वैध और लोकतांत्रिक चिंताओं को बिना किसी डर या दबाव के उठाने का अधिकार मिलना चाहिए. रिम्स जूनियर डॉक्टरर्स एसोसिएशन(RJDA) ने प्रशासन और सरकार से अपील की है कि वह प्रदर्शनकारियों से सार्थक संवाद स्थापित करें. NEET पेपर लीक के आरोपों की गंभीरता से जांच करें.

रिम्स जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह न्याय, शैक्षणिक ईमानदारी और मेडिकल समुदाय की गरिमा एवं सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. संगठन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने, लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान करने तथा मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना को मजबूत करने की अपील की.