Sahibganj Flood: साहिबगंज में बाढ़ का बढ़ा खतरा! 3 पंचायतों में बिजली गुल, घरों में घुसा पानी

Sahibganj: साहिबगंज में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. जिले की तीन पंचायतों में बाढ़ के पानी के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. कई इलाकों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है. स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
 

Sahibganj: झारखंड के साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। दियारा क्षेत्र में बाढ़ का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कई ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जबकि सड़कें डूबने से कई क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित होने लगा है। हालात को देखते हुए हजारों लोगों के पलायन करने की स्थिति बन गई है।

बाढ़ के बढ़ते प्रभाव के बीच बिजली विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर सदर प्रखंड की तीन पंचायतों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। विभाग के अनुसार बाढ़ का पानी ट्रांसफॉर्मर तक पहुंच गया है, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है।

तीन पंचायतों में बिजली आपूर्ति बंद

बिजली विभाग के जेई नील गगन ने बताया कि बाढ़ का पानी ट्रांसफॉर्मर तक पहुंच चुका है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसन पंचायत, लालबथानी उत्तर और लालबथानी दक्षिण पंचायत में बिजली सेवा बंद कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं होता, तब तक इन इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

गंगा का जलस्तर 28.32 मीटर पहुंचा

सोमवार सुबह गंगा नदी का जलस्तर 28.32 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार सुबह तक जलस्तर बढ़कर 28.58 मीटर तक पहुंच सकता है।

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में गंगा का अधिकतम जलस्तर 28.70 मीटर दर्ज किया गया था। बक्सर से फरक्का तक कई स्थानों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर जलस्तर में उतार-चढ़ाव भी देखा जा रहा है।

दियारा क्षेत्र में सड़कें डूबीं, संपर्क प्रभावित

गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर दियारा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई घर पानी में डूब चुके हैं और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

बाढ़ का पानी अब शहरी इलाकों तक भी पहुंचने लगा है। भरतिया कॉलोनी सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हर साल बाढ़ के दौरान कॉलोनी में पानी भर जाता है।

रैन बसेरा में पहुंच रहे प्रभावित लोग

बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए रैन बसेरा में प्रभावित लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। वहीं, पशुपालक भी अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए शकुंतला सहाय घाट और मालगोदाम की ओर पहुंच रहे हैं।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज किया गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।

एसडीओ ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की

जिला प्रशासन की टीम ने कारगिल दियारा सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। प्रशासन की ओर से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

सदर एसडीओ अमर जॉन आइंद ने बताया कि प्रभावित इलाकों में लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि गंगा के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को और तेज किया जाएगा।