औचक निरीक्षण में खुली पोल: रांची सदर अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग में रिकॉर्ड, दवा और सफाई व्यवस्था में गड़बड़ी

Ranchi: जांच के दौरान पाया गया कि सदर अस्पताल में जांच की व्यवस्था होने के बावजूद कई मरीजों से बाहर जांच करवाया गया. उपाधीक्षक ने ऑन्कोलॉजी विभाग की नर्सिंग हेड को उनके कमरे में एक निजी पैथोलॉजी और इमेजिंग सेंटर का विजिटिंग कार्ड मिलने पर फटकार लगाई.
 

Ranchi: सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ बिमलेश कुमार सिंह कैंसर रोग विभाग (ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट) का निरीक्षण किया. इस दौरान डॉ. बिमलेश कुमार सिंह और चिकित्सक डॉ. अमरेश ने ऑन्कोलॉजी विभाग में भर्ती हर मरीज के BHT, चल रहे इलाज, कीमोथेरेपी के बारे में पूछताछ की और पाया कि कई मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री में मरीजों की पूरी जानकारी भी दर्ज नहीं थी.

जांच के दौरान पाया गया कि सदर अस्पताल में जांच की व्यवस्था होने के बावजूद कई मरीजों से बाहर जांच करवाया गया. उपाधीक्षक ने ऑन्कोलॉजी विभाग की नर्सिंग हेड को उनके कमरे में एक निजी पैथोलॉजी और इमेजिंग सेंटर का विजिटिंग कार्ड मिलने पर फटकार लगाई.

सदर अस्पताल के तीसरे फ्लोर पर ऑन्कोलॉजी विभाग के अंदर दवा की उपलब्धता की लिस्ट लगी हुई है. लिस्ट में दी गई कई दवाएं जनवरी, फरवरी या पिछले महीने मार्च में ही एक्सपायर हो चुकी थीं, फिर भी उन्हें स्टॉक में दिखाया जा रहा था. यह देखकर डॉ. बिमलेश कुमार भड़क गए.

उन्होंने तुरंत डिस्प्ले बोर्ड को अपडेट करने के साथ सभी नर्सिंग स्टाफ, आयुष्मान मित्र और दूसरे कर्मचारियों को हर दिन सुबह 9:00 से 10:00 बजे के बीच मरीजों की सेवा करने का निर्देश दिया. उपाधीक्षक ने सभी स्टाफ को चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार वे उन्हें चेतावनी देकर छोड़ रहे हैं, लेकिन अगली बार कार्रवाई की जाएगी.

डॉ. अमरेश के साथ औचक निरीक्षण पर निकले डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने कैंसर मरीजों से मुलाकात की और उनसे अस्पताल की व्यवस्था और कमियों के बारे में पूछा. उन्होंने कहा कि पिछली बार उन्होंने सदर अस्पताल की फार्मेसी का औचक निरीक्षण किया था, आज उन्होंने ऑन्कोलॉजी विभाग का निरीक्षण किया है. यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा क्योंकि हमें सदर अस्पताल को जनता की उम्मीदों के मुताबिक बनाना है.