हेमंत सोरेन की मां के श्राद्ध को लेकर सुरक्षा सख्त, नेमरा में तैनात होंगे 13 IPS और 42 DSP
Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर झारखंड पुलिस ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित पैतृक गांव में कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके तहत 13 आईपीएस अधिकारियों के साथ 42 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है।
पुलिस प्रशासन ने आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रतिनियुक्त अधिकारी नेमरा और रामगढ़ जिले में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील स्थानों की निगरानी करेंगे।
15 से 19 अक्टूबर तक तैनात रहेंगे अधिकारी
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर आईजी मानवाधिकार कार्यालय की ओर से 12 अक्टूबर को प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेश जारी किया गया। यह आदेश रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक के अनुरोध के बाद जारी किया गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी 15 अक्टूबर 2026 के अपराह्न से 19 अक्टूबर 2026 के पूर्वाह्न तक या कार्यक्रम समाप्त होने तक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। इस दौरान नेमरा और रामगढ़ जिले में सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
वरिष्ठ IPS अधिकारियों को सौंपी गई कमान
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एसटीएफ डीआईजी इंद्रजीत महथा, एसआईबी एसपी सौरभ, जैप-4 के समादेष्टा ऋषभ कुमार झा और विशेष शाखा एसपी हरविंदर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है।
इसके अलावा एसीबी एसपी सुमित कुमार अग्रवाल, जैप-6 के समादेष्टा राजेश कुमार, सीआईडी एसपी रोशन गुड़िया और एसीबी एसपी श्रीराम समद भी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा समन्वय और निगरानी के लिए धनबाद ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, जमशेदपुर ग्रामीण एसपी शुभम कुमार खंडेलवाल और रांची ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी को भी तैनात किया गया है। सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब और चैनपुर एसडीपीओ श्रुति को भी प्रतिनियुक्ति सूची में शामिल किया गया है।
42 DSP स्तर के अधिकारी भी रहेंगे मुस्तैद
सुरक्षा व्यवस्था में केवल वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की ही नहीं, बल्कि राज्य पुलिस सेवा के 42 अधिकारियों की भी अहम भूमिका होगी। इनमें गिरिडीह के अपर पुलिस अधीक्षक अभियान सुरजीत कुमार के अलावा एसटीएफ, एटीएस, एसीबी और विशेष शाखा के अधिकारी शामिल हैं।
इसके साथ ही जैप और आईआरबी बटालियनों के अधिकारियों तथा रेल और यातायात डीएसपी को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनकी तैनाती से सुरक्षा प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और संवेदनशील इलाकों की निगरानी में समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर रहेगी विशेष नजर
श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने बहुस्तरीय व्यवस्था तैयार की है। अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से की गई व्यापक प्रतिनियुक्ति को सुरक्षा तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब 15 से 19 अक्टूबर के बीच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विभिन्न इकाइयों के जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।