NEET Re-Exam के लिए रांची से देवघर तक सुरक्षा चाक-चौबंद, हर गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर
Ranchi: NEET Re-Exam को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए झारखंड में प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. रांची से लेकर देवघर तक परीक्षा केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों ने इसे "युद्ध जैसी तैयारी" बताते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक की संभावना को पूरी तरह खत्म करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है.
परीक्षा से पहले जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठकें हुईं, जिनमें सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया गया. परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित साइबर कैफे, फोटोकॉपी दुकानों, प्रिंटिंग सेंटरों और इंटरनेट सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों पर विशेष नजर रखी जा रही है. प्रशासन को आशंका है कि ऐसे स्थानों का दुरुपयोग कर परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी फैलाने या अफवाहें फैलाने की कोशिश की जा सकती है.
21 जून को होगी परीक्षा, डीजीपी के साथ हुई आपात बैठक
गौरतलब है कि प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से NEET परीक्षा रद्द कर दी गई थी. इस घटना से पूरे देश में भारी हंगामा हुआ और कुछ छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली. भारी दबाव के बाद परीक्षा रद्द की गई और दोबारा परीक्षा के लिए 21 जून की तारीख तय की गई. अब झारखंड समेत पूरे देश में दोबारा परीक्षा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं.
इसी सिलसिले में, 6 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए NEET (UG) के री-एग्जाम को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए एक आपातकालीन बैठक हुई. इस बैठक की अध्यक्षता नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक ने की और इसमें सभी राज्यों के डीजीपी ने हिस्सा लिया.
बैठक के दौरान, डीजीपी को NEET परीक्षा से जुड़े खास निर्देश दिए गए. इन निर्देशों के आधार पर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी व्यापक तैयारियां की हैं. मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी के लिए खास बिंदु निर्धारित तय किए हैं ताकि सभी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके.
बैठक के बाद, सभी SSP/SP को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में NEET (UG)-2026 की री-एग्जामिनेशन सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए उपायुक्त और जिला-स्तरीय समन्वय समिति के सदस्यों के साथ तालमेल बिठाएं. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि जरूरत के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की जाए.
इसके अलावा, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा ठीक से तलाशी और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएय साथ ही, परीक्षा केंद्रों में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस—जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, पेजर या कंप्यूटर सिस्टम में बाधा डालने वाले किसी भी चिप-आधारित डिवाइस के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए.
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिले के DC के साथ तालमेल बिठाएं और स्ट्रॉन्ग रूम (जैसे बैंक) से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्न पत्र ले जाते समय और बाद में परीक्षा केंद्रों से स्ट्रॉन्ग रूम तक उत्तर पुस्तिकाएं वापस लाते समय पूरी सावधानी बरतें और यह सुनिश्चित करें कि रास्ते पूरी तरह सैनेटाइज और सुरक्षित हों.
रांची, देवघर और जमशेदपुर एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता
इस बार, प्रश्न पत्र पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है. खास तौर पर, NEET (UG)-2026 की री-एग्जामिनेशन के प्रश्न पत्र भारतीय वायु सेना के जरिए रांची, देवघर और जमशेदपुर के हवाई अड्डों तक पहुंचाए जा रहे हैं. इन हवाई अड्डों पर पहुंचने के बाद, प्रश्न पत्रों को झारखंड के सीमावर्ती बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर और जमुई जिलों और ओडिशा के क्योंझर और रायरंगपुर इलाकों में बने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा. इसके बाद, परीक्षा खत्म होने पर, उत्तर पुस्तिकाएं इन्हीं हवाई अड्डों के जरिए भारतीय वायु सेना के विमानों से वापस ले जाई जाएंगी.
इसी के अनुसार, रांची और जमशेदपुर के SSP और देवघर के SP को निर्देश जारी किए गए हैं. अपने-अपने जिलों के हवाई अड्डों से प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं लाने-ले जाने के दौरान, उन्हें झारखंड, बिहार और ओडिशा के संबंधित एसपी के साथ-साथ हर जिले के लिए डाक विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा. उन्हें यह पक्का करना होगा कि तय गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करते हुए सभी जरूरी और सुरक्षा से जुड़े उपाय किए जाएं.
धनबाद और सिमडेगा को लेकर भी निर्देश
गौरतलब है कि NEET (UG)-2026 के Re-examination के लिए, झारखंड के धनबाद जिले के सेंटर्स के लिए प्रश्न-पत्र पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयरपोर्ट से लाए जाएंगे, जबकि सिमडेगा जिले के सेंटर्स के लिए प्रश्न-पत्र पड़ोसी राज्य ओडिशा के राउरकेला एयरपोर्ट से लाए जाएंगे. वहीं, परीक्षा खत्म होने के बाद, धनबाद और सिमडेगा जिलों की आंसर बुकलेट्स को इन्हीं एयरपोर्ट्स तक पहुंचाना होगा.
इस संबंध में, धनबाद के SSP और सिमडेगा के SP यह सुनिश्चित करेंगे कि तय गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करते हुए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं. इसके लिए उन्हें पड़ोसी राज्यों के संबंधित एसपी और हर जिले के लिए डाक विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा.
निर्देश में यह भी कहा गया है कि जिन जिलों में परीक्षा होनी है, वहां के एसएसपी और एसपी को अपने-अपने डीसीके साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगे हों. इसके अलावा, इन सीनियर पुलिस अधिकारियों को अपने जिलों में 'फ्लाइंग स्क्वाड' बनाने होंगे और परीक्षा को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए लगातार गश्त सुनिश्चित करनी होगी.
परीक्षा के दौरान अक्सर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाहें फैलती हैं. इसलिए, SSP और SP को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले ही सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखें ताकि ऐसी किसी भी अफवाह को रोका जा सके जो परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकती है.
कोचिंग सेंटरों और फोटोकॉपी की दुकानों पर निगरानी
पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए, SSP और SP को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों में सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोकॉपी की दुकानों, साइबर कैफे और कोचिंग सेंटरों के संचालकों पर कड़ी नजर रखें. साथ ही, सीनियर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि परीक्षा से छेड़छाड़ की कोशिशों के बारे में कोई तकनीकी जानकारी मिलती है, तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए.
निर्देश में कहा गया है कि NEET (UG)-2026 री-एग्जाम 21 जून को होनी है, जो विश्व योग दिवस के दिन ही पड़ रही है. इसे देखते हुए, SSP और SP को दोनों कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए अपने जिलों में ट्रैफिक मैनेजमेंट के पुख्ता इंतजाम करने होंगे, ताकि NEET (UG)-2026 री-एग्जाम में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को समय पर अपने केंद्रों तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो.