धनबाद के शाहजेब रहमान को म्यांमार के म्यांवड्डी में बनाया गया बंधक..फिरौती की रकम भेजने पर भी बेटा घर वापस नहीं आया, मां ने एंबेसी, होम मिनिस्टर समेत उच्च अधिकारियों से मांगी मदद

Jharkhand Desk: मां निशांत अफरोज ने बताया कि एक दिन के बाद अपने रिश्तेदारों को इस बात की जानकारी दी. उसी दिन इंडियन एंबेसी, गृह मंत्री समेत अन्य उच्च अधिकारियों को उसकी रिहाई के लिए आवेदन देकर मांग की.
 
Jharkhand Desk: भूली न्यू आजाद नगर के रहने वाले मैकेनिकल इंजीनियर मो शाहजेब रहमान को म्यांमार में बंधक बना लिया गया है. मुक्त कराने के लिए उसकी मां से 5 हजार डॉलर की मांग की गई. मां निशांत अफरोज ने गहने बेचकर और कर्ज लेकर फिरौती की रकम भी बैंक में ट्रांसफर कर दी. लेकिन बेटा अबतक वापस नहीं लौटा.
मां ने एंबेसी, होम मिनिस्टर समेत उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से बेटे की रिहाई की मांग की है. मां को सरकार पर पूरा भरोसा है. वह बेटे के वापस लौटने का इंतजार कर रही है. ईटीवी भारत से खास बातचीत में मां ने बताया कि 2024 में वह बैंगलोर गया था. आईटी सेक्टर में उसे जॉब मिली थी.
करीब 6 महीने बाद वापस घर लौट आया. सितंबर के पहले सप्ताह फिर से वह बैंगलोर चला गया. बैंगलोर से बाहर गया, लेकिन उसकी सूचना मुझे नहीं दी. तीन महीने बाद दिसंबर में वह बताया कि वह बैंगलोर से बाहर चला गया है. लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह कहां गया. शायद उसे लगा होगा मां डांट फटकार करेगी.
मां निशांत अफरोज ने बताया कि एक दिन के बाद अपने रिश्तेदारों को इस बात की जानकारी दी. उसी दिन इंडियन एंबेसी, गृह मंत्री समेत अन्य उच्च अधिकारियों को उसकी रिहाई के लिए आवेदन देकर मांग की. आवेदन के बाद कार्रवाई होनी शुरू हो गई. लेकिन एक सप्ताह तक बेटे ने कोई कॉल नहीं किया. एक सप्ताह के बाद टेलीग्राम के माध्यम से मैसेज किया. जिसमें उसने बताया कि अपोलो पार्क 403 फोर्थ फ्लोर बी वन में रह रहें हैं. उसका फोन उसके बॉस ने ले लिया था. दूसरे के फोन से उसने मैसेज किया था.
बेटे ने बताया कि उसके द्वारा गैर कानूनी काम कराया जा रहा है और वह गैर कानूनी काम नहीं करना चाहता है. उसे बंधक बना लिया गया था. बेटे ने बताया कि ढाई लाख से फिरौती की राशि बढ़ाकर 3 लाख 60 हजार रुपए कर दिया है. बेटे का मोबाइल लैपटॉप सभी सामान उन लोगों ने रख लिया. बेटे ने कहा कि 5 हजार डॉलर भेजने पर ये लोग उसे छोड़ देंगे. जो इंडियन करेंसी के हिसाब 4 लाख 60 हजार रुपए होता है.
युवक के बंधक बनाए जाने की शिकायत मिलने के बाद, पीड़ित को म्यांमार से वापस लाने की कोशिशें चल रही हैं. विदेश मंत्रालय और वहां की एम्बेसी को ईमेल से बताया गया है, और जवाब भी मिल गया है. पहली नज़र में, यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मामला लग रहा है. हालांकि, अभी कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता. जैसे ही कोई अपडेट आएगा, हम जानकारी शेयर करेंगे