प्रशासनिक अड़चनों के चलते झारखंड में एसआईआर जून तक टला, ग्राउंड लेवल पर काम प्रभावित...
Ranchi: मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण झारखंड में जून महीने में शुरू होगा. एसआईआर की घोषणा होने में हो रही देरी के पीछे की वजह राज्य में मई महीने में शुरू हो रही जनगणना है. झारखंड में 2026-2027 की जनगणना का पहला चरण 1 मई 2026 से शुरू होकर 14 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें 1-15 मई तक स्व-गणना और 16 मई-14 जून तक फील्ड सर्वे होगा.
इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा घर-घर स्टीकर लगाने जा रहे बीएलओ को बच्चा चोर बताकर दौड़ाए जाने की घटना को आयोग ने गंभीरता से लिया है. जमशेदपुर में हुई इस घटना पर नाराजगी जताते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने आम लोगों से इसमें सहयोग करने की अपील की है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इन दिनों एसआईआर से पहले प्री एक्टिविटी की जा रही है, जिसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी ले रहे हैं, यह मतदाता के हक में है और इससे उन्हें सरकारी कार्यालय में भविष्य में नहीं दौड़ना पड़ेगा. जो भी डाक्यूमेंट्स प्रमाण के तौर पर मांगी जा रही है उसे जरूर बीएलओ के समक्ष बताना चाहिए. उन्होंने कहा कि पैरेंटल मैपिंग 75% के करीब हो चुका है.
बीएलओ को घर में नहीं जाने दिया जाता
चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर से पहले की जा रही प्री एक्टिविटी में जुटे बीएलओ को भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं. बीएलओ की शिकायत यह है कि मतदाता के घर जब जाया जाता है तो वोटर सहयोग नहीं करते और उन्हें घर पर आने से रोकते हैं. इस तरह की शिकायत शहरी क्षेत्र में ज्यादा देखने को मिल रही है. यही वजह है कि रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे शहर प्री एक्टिविटी में पिछड़ गया है. पिछले दिनों मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा किए गए फिल्ड सर्वेक्षण में इस तरह की शिकायत देखने में आई है.