जमशेदपुर में 7 दिन ट्रैफिक पर सख्ती! Heavy Vehicles और Marine Drive को लेकर नए नियम
Jamshedpur Traffic Rules: शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 15 से 21 अक्टूबर तक भारी वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगाए जाने की जानकारी सामने आई है. इस दौरान मरीन ड्राइव के लिए भी नए नियम लागू किए जाने की बात कही गई है.
Jamshedpur: दुर्गापूजा के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 15 से 21 अक्टूबर तक अलग-अलग समय पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। वहीं, 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के दिन विसर्जन मार्ग पर बसों और चारपहिया वाहनों के परिचालन पर भी रोक रहेगी। प्रशासन ने मरीन ड्राइव पर भारी व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही और पार्किंग को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं।
15 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे से भारी वाहनों पर रोक
प्रशासन के निर्देश के अनुसार, 15 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे से रात 1 बजे तक बसों को छोड़कर सभी प्रकार के भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वाहन चालकों को इस अवधि में निर्धारित यातायात नियमों का पालन करना होगा।
वहीं, 16 से 20 अक्टूबर तक सुबह 5 बजे से 11:30 बजे तक भारी वाहनों को दोनों दिशाओं में चलने की अनुमति रहेगी। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक बसों को छोड़कर सभी प्रकार के भारी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य दुर्गापूजा के दौरान शहर की सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करना और आम लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाना है।
मरीन ड्राइव पर भी लागू रहेंगे नए नियम
दुर्गापूजा के दौरान मरीन ड्राइव पर भी भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर प्रतिबंध लागू रहेगा। 16 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक बसों को छोड़कर सभी प्रकार के भारी व्यावसायिक वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।
इस अवधि में मरीन ड्राइव पर भारी वाहनों को खड़ा करने की भी अनुमति नहीं होगी। ऐसे में संबंधित वाहन चालकों को अपने परिचालन और पार्किंग की व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुसार करनी होगी।
21 अक्टूबर को विसर्जन मार्ग पर बसों और चारपहिया वाहनों की भी नो एंट्री
प्रतिमा विसर्जन के दिन यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष प्रतिबंध लगाए हैं। 21 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से प्रतिमा विसर्जन पूरा होने तक विसर्जन मार्ग पर सभी प्रकार के भारी वाहनों, बसों और चारपहिया वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
इस दौरान विसर्जन मार्ग पर यातायात नियंत्रित रहेगा, ताकि प्रतिमाओं के जुलूस और श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित मार्गों और प्रतिबंधों की जानकारी ले लें।
इन सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित
जिला प्रशासन ने शहर की प्रमुख सड़कों पर भारी वाहनों को खड़ा करने पर भी रोक लगाई है। इसका उद्देश्य यातायात में बाधा और जाम की स्थिति को रोकना है।
प्रशासन के निर्देश के अनुसार, निम्नलिखित मार्गों पर भारी वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी:
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स्ट्रेट माइल रोड: पारसी मंदिर से पुराना कचहरी मोड़, एमजीएम चौक और टेलीफोन एक्सचेंज रोड।
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बंगाल क्लब से नौ नंबर टैक्सी स्टैंड।
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नौ नंबर टैक्सी स्टैंड से आरडी टाटा गोलचक्कर।
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नीलडीह गोलचक्कर से लेबर ब्यूरो गोलचक्कर।
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कदमा थाना से रंकिणी मंदिर चौक।
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एनएमएल गोलचक्कर से बर्मामाइंस टैक्सी स्टैंड गोलचक्कर।
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मानगो चौक से पारडीह चौक।
इन मार्गों पर भारी वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। वाहन चालकों को वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था करने और यातायात नियमों का पालन करने की जरूरत होगी।
जरूरी सेवाओं के वाहनों को मिलेगी छूट
दुर्गापूजा के दौरान आम लोगों की सुविधा और आपात सेवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कुछ विभागों के वाहनों को प्रतिबंध से छूट दी है।
15 से 21 अक्टूबर तक पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED), बिजली विभाग, रेडक्रॉस सोसाइटी और अग्निशमन विभाग के वाहनों को निर्धारित प्रतिबंधों से छूट रहेगी। इससे जरूरी सेवाओं और आपातकालीन कार्यों में बाधा नहीं आएगी।
वाहन चालक इन तारीखों और समय का रखें ध्यान
जमशेदपुर में दुर्गापूजा के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर 15 से 21 अक्टूबर तक अलग-अलग समय पर प्रतिबंध लागू रहेंगे। भारी वाहन चालकों को विशेष रूप से 15 अक्टूबर की शाम, 16 से 20 अक्टूबर के निर्धारित समय और 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के दौरान लागू नियमों का ध्यान रखना होगा।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन नहीं चलाएं, सड़कों के किनारे भारी वाहन खड़े करने से बचें और जारी निर्देशों का पालन करें। इससे दुर्गापूजा के दौरान शहर में यातायात सुचारु बनाए रखने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।