रांची जेल में मोबाइल वीडियो कांड के बाद सख्ती तेज, पूरे स्टाफ का तबादला: जेलर–सुपरिटेंडेंट पर बढ़ी जिम्मेदारियां

 

Ranchi: बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से मोबाइल वीडियो वायरल होने के बाद मामला अदालत तक पहुँच गया है और अब झारखंड जेल प्रशासन अपनी छवि सुधारने के लिए बड़े सुधारात्मक कदमों में जुट गया है। वीडियो सामने आने के बाद न केवल पूरे जेल स्टाफ को बदल दिया गया है, बल्कि कई कर्मियों पर सख्त कार्रवाई भी की गई है।

सीसीटीवी मॉनिटरिंग को लेकर नई व्यवस्था लागू

जेल प्रशासन ने फैसला लिया है कि अब जेल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत:
    •    जेलर को प्रतिदिन सीसीटीवी डीवीआर की निगरानी करनी होगी।
    •    जेल सुपरिटेंडेंट को हर दो दिन पर डीवीआर मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जेल आईजी ने स्पष्ट कहा कि “अगर पहले से डीवीआर मॉनिटरिंग सही तरीके से हो रही होती, तो यह वीडियो बाहर नहीं आता और न ही ऐसी शिकायतें सामने आती।”

बिरसा मुंडा जेल का पूरा स्टाफ बदला, कई निलंबित

मोबाइल वीडियो कांड के बाद कार्रवाई की ज़द में आए कर्मियों में:
    •    सहायक कारापाल निलंबित,
    •    संविदा पर कार्यरत दो पूर्व सैनिक बर्खास्त,
    •    क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर अन्य कर्मियों तक—पूरे रैंक का स्टाफ बदला गया।

जेल आईजी के अनुसार, “यह तय कर पाना कठिन था कि कौन किस गड़बड़ी में शामिल है, इसलिए सभी को बदलना पड़ा ताकि भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी न हो पाए।”

दो कैदियों के डांस वीडियो ने बढ़ाई मुसीबत

जेल के अंदर दो कैदियों के डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद न्यायालय ने कठोर रुख अपनाया। वीडियो ने जेल सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए, जिसके बाद 8 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई।

क्या स्थिति सुधरेगी?

जेल प्रशासन ने कार्रवाई की लंबी फेहरिस्त जारी कर दी है, लेकिन असली सुधार तभी संभव है जब:
    •    मॉनिटरिंग नियमित हो,
    •    जिम्मेदारियां स्पष्ट रहें,
    •    और निगरानी काग़ज़ों तक सीमित न रह जाए।

अन्यथा, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम सिर्फ़ फाइलों की शोभा बनकर रह जाएंगे और आने वाले दिनों में जेलों से जुड़े विवाद फिर सुर्खियों में लौट सकते हैं।