हाईकोर्ट के फैसले के बाद भड़के छात्र! सरकार पर छल का आरोप, CM के पुतला दहन का ऐलान

Ranchi: हाईकोर्ट में जेपीएससी-जेएसएससी मामले की सुनवाई के बाद छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार पर छात्रों को ठगने का आरोप लगाया. जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने शुक्रवार को सभी जिलों में मुख्यमंत्री के पुतला दहन का ऐलान किया है. मंच ने दो महीने के भीतर बड़े आंदोलन और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की चेतावनी भी दी.
 

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट में जेपीएससी और जेएसएससी समेत विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद छात्रों के जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंच ने कहा कि कोर्ट की कार्रवाई से छात्रों को ठगा हुआ महसूस हो रहा है और सरकार की ओर से छात्रहित में किए गए दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच के रविंद्र पासवान ने कहा कि गुरुवार को हाई कोर्ट में हुई कार्रवाई को देखकर उन्हें निराशा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और सरकार के डेलिगेशन की ओर से छात्रों के हित में होने की बात कही गई थी, लेकिन कोर्ट में सरकार की मंशा उसी तरह दिखाई नहीं दी।

‘सरकार ने छात्रों के साथ किया छल’

रविंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य के छात्रों के साथ खड़े होने की बात कही थी। ऐसे में सवाल है कि कोर्ट की कार्रवाई के दौरान सरकार की यही मंशा क्यों नजर नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के छात्रों के साथ छल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में शुक्रवार को झारखंड के सभी जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। मंच ने छात्रों से इस विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।

‘सरकार ने छात्रों को ठगने का काम किया’

मंच के कुणाल प्रताप सिंह ने भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कोर्ट की कार्रवाई के दौरान सरकार की ओर से कोई बड़ा वकील उपस्थित नहीं रहा। जो वकील मौजूद थे, उनकी ओर से भी अपेक्षित तरीके से पक्ष नहीं रखा गया।

कुणाल प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि इससे ऐसा लगता है कि सरकार ने छात्रों को ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि छात्र इस पूरे मामले को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं और अब सरकार के रवैये के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दो महीने से पहले बड़े आंदोलन की चेतावनी

छात्र नेताओं ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार छात्रों को ठगने का काम जारी रखती है, तो दो महीने के भीतर ही बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन में लाखों छात्रों के शामिल होने का दावा किया गया है।

मंच ने कहा कि बड़े आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच के नेताओं ने छात्रों से एकजुट होने की अपील की और शुक्रवार को सभी जिलों में मुख्यमंत्री के पुतला दहन कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।