निलंबित BDO संजय कुमार सिन्हा को 21 बार नोटिस, अब 7 दिन का आखिरी मौका
Ranchi: झारखंड के एक निलंबित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को विभागीय कार्रवाई के लिए बार-बार बुलाए जाने के बावजूद उनके उपस्थित नहीं होने का मामला सामने आया है। झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजय कुमार सिन्हा के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। विभाग का कहना है कि उन्हें अब तक 21 बार नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन वह किसी भी निर्धारित सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए।
लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए अब कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने उन्हें अंतिम अवसर दिया है। इसके लिए विभाग की ओर से अखबार में सार्वजनिक विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है। विज्ञापन के माध्यम से संजय कुमार सिन्हा को 7 दिनों के भीतर विभाग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
21 बार सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे सुनवाई में
संजय कुमार सिन्हा वर्तमान में निलंबित हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही है। विभागीय जांच सह संचालन अधिकारी के अनुसार, कार्यवाही के दौरान अपना पक्ष रखने के लिए उन्हें लगातार सूचनाएं और नोटिस भेजे गए।
विभाग का दावा है कि अब तक 21 बार सूचना जारी की जा चुकी है, लेकिन संजय कुमार सिन्हा किसी भी निर्धारित कार्यवाही में उपस्थित नहीं हुए। उनकी लगातार अनुपस्थिति के कारण विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
इसी को देखते हुए विभाग ने अब सार्वजनिक विज्ञापन के जरिए उन्हें अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया है।
महगामा में BDO रहते विकास योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप
विभागीय कार्रवाई का एक प्रमुख मामला गोड्डा जिले के महगामा प्रखंड से जुड़ा है। संजय कुमार सिन्हा वहां BDO के पद पर कार्यरत थे। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान विश्वासखानी पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी और सरकारी राशि के गबन से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
विभाग की ओर से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई। इस संबंध में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के विभागीय संकल्प संख्या 2507, दिनांक 2 मई 2023 के तहत विभागीय कार्यवाही चल रही है।
चक्रधरपुर BDO कार्यालय से जुड़ा मामला भी जांच के दायरे में
विभागीय विज्ञापन में चाईबासा के चक्रधरपुर स्थित BDO कार्यालय से जुड़े एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया गया है। इस मामले में भी संजय कुमार सिन्हा को विभागीय कार्यवाही के दौरान उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था।
विभाग के मुताबिक, निर्धारित कार्यवाही में उपस्थित होकर जवाब देने के लिए सूचना दिए जाने के बावजूद वह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए।
अब 7 दिन में देना होगा जवाब
21 बार नोटिस और सूचना जारी होने के बाद भी उपस्थित नहीं होने पर विभाग ने अब संजय कुमार सिन्हा को अंतिम मौका दिया है। अखबार में प्रकाशित सार्वजनिक विज्ञापन के जरिए उन्हें 7 दिनों के भीतर विभाग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में वह उपस्थित होकर अपना पक्ष नहीं रखते हैं, तो उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर एकपक्षीय निर्णय लिया जा सकता है। इसके बाद विभागीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला फिलहाल विभागीय जांच और आरोपों के स्तर पर है। अंतिम निर्णय विभागीय कार्यवाही पूरी होने के बाद लिया जाएगा।