नाबालिग हत्या कांड का खुलासा होते ही बदला माहौल, भारतीय जनता पार्टी ने हजारीबाग बंद का आह्वान लिया वापस...
Hazaribagh: जिला के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की निर्मम हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. झाड़-फूंक और कुंवारी लड़की की नरबलि देने से घटना जुड़ी है. मृतका की मां ने बेटे के स्वास्थ्य लाभ को लेकर बेटी की बलि दे दी.
इस घटना का खुलासा होने के बाद 2 अप्रैल को सभी प्रखंड और जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस और 3 अप्रैल को झारखंड बंद की घोषणा को भाजपा ने वापस ले लिया है. बंद वापस लेने की जानकारी सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने दी है.
3 अप्रैल को झारखंड बंद भाजपा ने वापस ले लिया है. वहीं 2 अप्रैल को शाम के 5:00 बजे सभी प्रखंड एवं जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस का आयोजन भाजपा ने किया था. इस मामले का खुलासा होने के बाद हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जानकारी दी है कि आंदोलन को वापस ले लिया गया है.
वहीं विधायक ने हजारीबाग पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बड़े ही बेहतर ढंग से अनुसंधान करते हुए हत्या के पीछे की असली वजह को खोज निकाला. पर्याप्त सबूत भी पुलिस के पास हैं. उन्होंने इस घटना पर दुख भी जाहिर किया कि कैसे एक मां इतनी निर्दय हो सकती है कि अपनी ही बेटी की बलि दे दी. उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के चक्कर में एक मां ने अपने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया. तीनों आरोपियों को पुलिस सजा दिलाए और कोर्ट उनको फांसी की सजा दे.
इस पूरे घटनाक्रम को देखा जाए तो पहले सामूहिक दुष्कर्म, दोनों आंख और जीभ निकालने हाथ की हड्डी को तोड़ने की बात को हत्या का कारण बताया गया. इस तरह की बात को इतना जोर दिया कि घटना ने पूरे झारखंड को हिलाकर रख दिया. कई जगह इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया.
हजारीबाग में जहां कैंडल मार्च और जिला बंद का ऐलान किया गया तो दूसरे राज्यों में भी इसे लेकर विरोध दर्ज किया गया. जिला प्रशासन पर आरोप लगाया गया कि अपराधियों के धड़-पकड़ के लिए पुलिस नाकामयाब साबित हुई है. झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस घटना को संज्ञान में लिया और जल्द से जल्द जांच पूरी कर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए आदेश निर्गत किया.
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना को लेकर खूब आरोप-प्रत्यारोप हुआ. भारतीय जनता पार्टी ने सरकार को सुरक्षा के नहीं देने पर कठघरे में खड़ा किया तो दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस घटना पर दुख जाहिर किया. झारखंड सरकार के मंत्री राधा कृष्ण किशोर मृतक परिवार से मिलने के लिए पहुंचे और उन्होंने आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए वादा किया.
पुलिस के सामने इस घटना का खुलासा करना बड़ी चुनौती थी. क्योंकि घटना का कोई भी गवाह नहीं था. ब्लाइंड केस को पुलिस जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. टेक्नोलॉजी और महत्वपूर्ण साक्ष्य के आधार पर धीरे-धीरे जांच की प्रक्रिया आगे की बढ़ाई गई. जो बातें सामने आई उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया.