धनबाद में पवित्रम सेवा संस्थान का बुक बैंक सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई का बन रहा सहारा...

Dhanbad: इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था इन किताबों को डोनेशन के रूप में एकत्र करती है और फिर इन्हें जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाती है. इस पहल का असर भी साफ दिख रहा है. पिछले साल करीब 300 बच्चों को इस बुक बैंक से लाभ मिला.
 

Dhanbad: शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है. पवित्रम सेवा संस्थान का बुक बैंक सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों के लिए मददगार साबित हो रहा है. पिछले 30 वर्षों से सामाजिक कार्य कर रही पवित्रम सेवा संस्थान ने अब शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल की है. संस्था की शुरुआत भले ही घर से हुई थी, लेकिन आज यह देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान बना चुकी है.

धनबाद के सरायढेला स्थित कोयलानगर में संस्था को स्थायी जगह मिलने के बाद यहां बुक बैंक की शुरुआत की गई है. यहां कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की किताबें उपलब्ध हैं. अक्सर देखा जाता है कि एक कक्षा पास करने के बाद बच्चों की पुरानी किताबें घरों में बेकार पड़ी रह जाती हैं और समय के साथ खराब भी हो जाती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था इन किताबों को डोनेशन के रूप में एकत्र करती है और फिर इन्हें जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाती है. इस पहल का असर भी साफ दिख रहा है. पिछले साल करीब 300 बच्चों को इस बुक बैंक से लाभ मिला.

संस्था के अध्यक्ष संजय कुमार भारतीय ने बच्चों और लोगों से अपील की है कि वे अपनी पुरानी किताबें दान करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाई जा सके. संस्थान की सदस्य वंदना घोषाल बताती हैं कि वे निजी स्कूलों से भी संपर्क में रहते हैं और वहां के शिक्षक भी बच्चों को पुरानी किताबें दान करने के लिए प्रेरित करते हैं. इतना ही नहीं, हर साल कई निजी स्कूल किताबों के पब्लिकेशन बदल देते हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है. ऐसे में संस्था सिलेबस के अनुसार किताबें उपलब्ध कराने की कोशिश करती है, ताकि किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके.

इस पहल को अभिभावकों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है. उनका मानना है कि यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत है. बुक बैंक से फायदा उठाने वाले बच्चे भी इसे बेहद उपयोगी बता रहे हैं. कुल मिलाकर, पवित्रम सेवा संस्थान का यह बुक बैंक न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई को आसान बना रहा है, बल्कि समाज में सहयोग और जागरूकता की मिसाल भी पेश कर रहा है.