Middle East के हालातों ने बढ़ाई Ranchi वालों की धड़कन, Gas की किल्लत के डर से एजेंसी पर उमड़ी भीड़...

Ranchi: तेल कंपनियों का कहना है कि घरेलू गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए यह अस्थायी व्यवस्था लागू की गई है. इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कंपनियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित न हो. 
 

Ranchi: ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब झारखंड में भी दिखाई देने लगा है. पेट्रोलियम पदार्थों के आयात में संभावित बाधाओं और बाजार में फैल रही आशंकाओं के कारण कई शहरों में रसोई गैस की किल्लत नजर आने लगी है. खासकर 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति पर फिलहाल अघोषित रोक लगा दी गई है. तेल कंपनियों ने यह कदम घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से उठाया है. हालांकि कंपनियों ने कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया, लेकिन गैस एजेंसियों को मौखिक रूप से निर्देश दिया गया कि अगले आदेश तक कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति सीमित रहे.

घरेलू सिलिंडर को प्राथमिकता

तेल कंपनियों का कहना है कि घरेलू गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए यह अस्थायी व्यवस्था लागू की गई है. इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कंपनियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित न हो. अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों के मेस और अन्य जरूरी संस्थानों को कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति जारी रहेगी. वहीं होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और शादी-समारोह जैसे आयोजनों पर इसका असर पड़ेगा.

रोजाना हजारों सिलिंडरों की आपूर्ति

राजधानी रांची में इंडियन ऑयल से जुड़ी गैस एजेंसियों के माध्यम से रोजाना 150 से 1000 तक कॉमर्शियल सिलिंडर वितरित होते हैं. औसतन 500 सिलिंडर प्रतिदिन के हिसाब से केवल एक कंपनी की आपूर्ति लगभग 2.25 लाख सिलिंडरों के रोटेशन पर आधारित है. भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और अन्य तेल कंपनियां भी गैस की सप्लाई करती हैं. फिलहाल एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस वितरित करें.

पैनिक बुकिंग से बढ़ी मांग

गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि असली समस्या गैस की कमी नहीं, बल्कि पैनिक बुकिंग है. मध्य-पूर्व संकट की खबरों के बाद लोग घबराहट में अधिक सिलिंडर बुक कराने लगे हैं. पहले रोजाना 350-400 घरेलू सिलिंडरों की बुकिंग होती थी, अब यह संख्या 2300-2500 तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी संख्या में बुकिंग होने से एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है. इसके कारण कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई सीमित रखी जा रही है.

कीमतों में उछाल

रांची में कॉमर्शियल सिलिंडरों की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है. कई जगह सिलिंडर सरकारी दर से अधिक कीमत पर मिल रहे हैं. रेस्टोरेंट मालिक आदित्य भूषण सिंह ने बताया कि पहले उनका सिलिंडर 1800 रुपये में आता था, अब कुछ सप्लायर 2600 रुपये मांग रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में संकट बढ़ने से कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ सकती है.

प्रशासन ने की निगरानी

जिला प्रशासन ने घरेलू गैस की आपूर्ति में आ रही परेशानी को देखते हुए सुधार की पहल शुरू कर दी है. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर एसडीओ कुमार रजत ने पेट्रोलियम कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ ऑनलाइन बैठक की. बैठक में निर्णय लिया गया कि दो गैस बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतराल अनिवार्य होगा. बुकिंग के दो-तीन दिनों के भीतर होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. साथ ही 5 और 2 किलो के छोटे सिलिंडर बिना बुकिंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया.

खूंटी और लोहरदगा में भी असर

राजधानी के अलावा खूंटी और लोहरदगा में भी गैस की कमी देखने को मिल रही है. खूंटी में लंबे समय से गैस न मिलने के कारण लोग परेशान हैं. लोहरदगा में जमशेदपुर से सिलिंडरों की सप्लाई न होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है.

शादी-विवाह के मौसम में बढ़ी परेशानी

शादी-विवाह के मौसम में रसोई गैस की कमी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. प्रशासन और तेल कंपनियां लगातार आपूर्ति बहाल करने के प्रयास कर रही हैं. यदि कोई एजेंसी या वितरक कालाबाजारी करता पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पैनिक बुकिंग नियंत्रित होने और नियमित आपूर्ति बहाल होने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है.