झारखंड में तूल पकड़ता ED और रांची पुलिस मामला, हाईकोर्ट से लेकर राजनीति तक में उठा-पटक...
Ranchi: सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने झारखंड उच्च न्यायालय अदालत में हुई सुनवाई पर संतुलित टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत ने 09 फरवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की है. उच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए...
Updated: Jan 16, 2026, 17:03 IST
Ranchi: ईडी के अधिकारियों पर रांची पुलिस की कार्रवाई मामले पर आज झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई. मामले में सुनवाई की अगली तारीख 09 फरवरी मुकर्रर की गई है.
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने झारखंड उच्च न्यायालय अदालत में हुई सुनवाई पर संतुलित टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत ने 09 फरवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की है. उच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि झामुमो का स्टैंड साफ है कि आपस के तकरार नहीं होनी चाहिए. झामुमो नेता ने कहा कि मामला अब अदालत में है लेकिन जिस तरह से बयानबाजी की जा रही है उससे साफ है कि उनकी मंशा ठीक नहीं है.
ईडी-रांची पुलिस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई पर टिप्पणी करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि पहले ही उनके नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य में डीजीपी की अवैध नियुक्ति का मामला उठाया था.
अजय साह ने कहा कि रांची पुलिस की ओर से ईडी के अधिकारियों पर फर्जी मामले में कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है, ईडी कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को दी गई है, ऐसे में समझा जा सकता है कि जिस राज्य में केंद्रीय एजेंसियों के दफ्तर और अधिकारी सुरक्षित नहीं हों वहां आम जनता की क्या स्थिति होगी.
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि ईडी के अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए यह आपराधिक साजिश रची गयी थी और बहुत जल्द इसका खुलासा होगा कि इसके पीछे कौन कौन लोग शामिल थे. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हद तो यह हो गयी कि जब उनके नेता बाबूलाल मरांडी ने इस मामले को उठाया तो झामुमो की ओर से उन्हें ही प्राथमिकी दर्ज करने धमकी दी जाने लगी.