लोकसभा में गूंजा हर घर जल योजना का मुद्दा, सांसद विष्णुदयाल राम ने सरकार से मांगा जवाब, उठाई हाई लेवल जांच की मांग...

Palamu: सांसद ने बताया कि कई जगह बिना जल स्रोत के ही पाइपलाइन बिछा दी गई है. अधूरी और अनुपयोगी टंकियों को पूर्ण होने का प्रमाण पत्र दे दिया गया है, जिसकी वजह से हजारों लोगों को हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. सांसद ने कहा कि कागज में दर्शायी गई योजना का भौतिक सत्यापन होना चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी.
 

Palamu: लोकसभा में झारखंड के पलामू से सांसद विष्णुदयाल राम ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल योजना’ को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने सदन में कहा कि योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन जमीनी हकीकत कई इलाकों में इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है.

सांसद विष्णुदयाल राम ने कहा कि झारखंड समेत देश के कई राज्यों में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा. कहीं पाइपलाइन अधूरी है तो कहीं जलापूर्ति व्यवस्था ही शुरू नहीं हो सकी है. इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में योजना को पूरा बताया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है.

उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं. ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के कारण जनता को योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है. सांसद ने कहा कि यह सिर्फ कागजी सफलता दिखाने का मामला नहीं है, बल्कि आम लोगों के जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है.

लोकसभा में बोलते हुए सांसद ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच (हाई लेवल जांच) कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि किन कारणों से योजना धरातल पर विफल हो रही है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. उन्होंने दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की.

विष्णुदयाल राम ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आज भी लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. महिलाओं और बच्चों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है. ऐसे में यदि ‘हर घर जल योजना’ में भ्रष्टाचार या लापरवाही हुई है, तो यह सीधे तौर पर गरीब और ग्रामीण जनता के अधिकारों का हनन है.

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि योजना की समीक्षा कर जमीनी स्तर पर इसकी वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और जहां-जहां काम अधूरा है, वहां इसे जल्द पूरा कराया जाए. सांसद ने यह भी कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों की स्थिति देखकर योजना की सफलता तय की जानी चाहिए.

सदन में सरकार की ओर से संबंधित मंत्रालय ने सांसद द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

‘हर घर जल योजना’ को लेकर उठे सवालों के बाद अब यह देखना अहम होगा कि सरकार जांच और सुधार की दिशा में क्या कदम उठाती है और क्या वास्तव में हर घर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो पाता है.