शराब घोटाला जांच ने पकड़ी रफ्तार, ED के सामने पेश हुए पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव, कई अहम सवालों के दिए जवाब

Ranchi: इससे एक दिन पहले ED ने रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से भी लंबी पूछताछ की थी. जांच एजेंसी ने उनसे कथित शराब कारोबार में निवेश, लगभग 30 लाख रुपये नकद बरामदगी, तथा कारोबारी योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश से संबंधों को लेकर सवाल किए. 
 

Ranchi: झारखंड के चर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है. मंगलवार को राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामेश्वर उरांव रांची स्थित ED के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले में पूछताछ की गई. यह पेशी ED द्वारा जारी दूसरे समन के बाद हुई.

इससे एक दिन पहले ED ने रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से भी लंबी पूछताछ की थी. जांच एजेंसी ने उनसे कथित शराब कारोबार में निवेश, लगभग 30 लाख रुपये नकद बरामदगी, तथा कारोबारी योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश से संबंधों को लेकर सवाल किए.  शराब घोटाला मामले की जांच में जुटी इडी ने सोमवार को पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव को भी पूछताछ के लिए बुलाया था. 

रोहित उरांव और जगन देसाई से 10 घंटे से अधिक समय तक हुई पूछताछ 

इडी ने पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के पुत्र रोहित उरांव और महाराष्ट्र के कारोबारी जगन देसाई को साथ बैठाकर उनसे 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. दोनों सोमवार की सुबह करीब 10:45 बजे रांची स्थित इडी कार्यालय पहुंचे थे और रात करीब 8:50 बजे बाहर आए. इडी ने रोहित उरांव से नई उत्पाद नीति, वित्तीय लेन-देन और शराब कारोबार से जुड़े कुछ दस्तावेजों के संबंध में सवाल पूछे. इसी दौरान जगन देसाई से झारखंड में शराब दुकानों के संचालन और मैनपावर सप्लाई से जुड़े ठेकों के संबंध में पूछताछ की गई.

इडी ने रोहित उरांव को पूर्व में भी समन जारी किया था, लेकिन दस्तावेज तैयार नहीं होने का हवाला देते हुए उन्होंने समय मांगा था. बाद में एजेंसी ने नया समन जारी किया, जिसके बाद रोहित उरांव इडी कार्यालय पहुंचे. इडी ने अगस्त 2023 में राज्य के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की थी. इनमें रोहित उरांव का आवासीय परिसर भी शामिल था. जांच एजेंसी ने यहां से नकदी बरामद की थी.

कौन हैं जगन देसाई?

जगन देसाई महाराष्ट्र की कंपनी मार्सन इनोवेटिव सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं. उनकी कंपनी का नाम झारखंड में शराब दुकानों के संचालन और मैनपावर उपलब्ध कराने से जुड़े ठेकों में सामने आया है. इससे पहले एसीबी ने वर्ष 2025 में जगन देसाई, कमल देसाई और शीतल देसाई को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था.