राजधानी रांची में मेडिकल छात्रा से दुष्कर्म मामले ने पकड़ा तूल, Bharatiya Janata Party ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की

Ranchi: उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पीड़िता की मदद कर रही उसकी सहेली को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्य आरोपी दानिश के पिता, भाई और उसके गुर्गे लगातार पीड़िता और उसकी सहेली का पीछा कर रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर उसपर दबाव डाल कर केस वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं.
 

Ranchi: राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों युवती के साथ दुष्कर्म मामले में राजनीति शुरू हो गई है. रांची के एक निजी अस्पताल में इलाजरत युवती से मिलने के बाद भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने प्रेस वार्ता की. इस क्रम में उन्होंने राज्य सरकार से मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.

अजय साह ने कहा कि पीड़िता इस समय अत्यंत डरी-सहमी और मानसिक रूप से आहत अवस्था में है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पीड़िता की मदद कर रही उसकी सहेली को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्य आरोपी दानिश के पिता, भाई और उसके गुर्गे लगातार पीड़िता और उसकी सहेली का पीछा कर रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर उसपर दबाव डाल कर केस वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं.

भाजपा ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़िता को तत्काल प्रभाव से कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वह बिना किसी भय और दबाव के न्याय की लड़ाई लड़ सके. अजय साह ने कहा कि जिस तरीके से नशीला पदार्थ खिलाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया, वह अत्यंत निंदनीय और गंभीर है. उन्होंने मांग की कि मुख्य आरोपी दानिश के अलावा संदिग्ध भूमिका वाले सदाब और फबाद को भी तुरंत गिरफ्तार किया जाए.उन्होंने कहा कि केस को मैनेज और प्रभावित करने के प्रयास में दानिश के पिता की भूमिका भी संदिग्ध है, इसलिए उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए.

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने आरोप लगाया कि दानिश के पिता खुलेआम पैसे के दम पर मामले को रफा-दफा करने का दावा करते फिर रहे हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है.अजय साह ने मांग की कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके. साथ ही पीड़िता को विक्टिम कॉम्पेंसेशन फंड का 25 प्रतिशत हिस्सा तत्काल प्रदान किया जाए, जिससे उसे आर्थिक और मानसिक सहयोग मिल सके.

अजय साह ने मंत्री इरफान अंसारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता बिहार के मेडिकल छात्रा के हिजाब हटाने पर नौकरी और 3 लाख वेतन की घोषणा कर रहे थे वो झारखंड के मेडिकल छात्रा के दुष्कर्म पर मौन हैं, क्योंकि आरोपी उनके समुदाय से जुड़े हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा पीड़िता के साथ मजबूती से खड़ी है. यदि मामले को कमजोर करने, प्रभावित करने या दबाने का कोई भी प्रयास किया गया, तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर सदन तक व्यापक आंदोलन कर न्याय सुनिश्चित कराने के लिए हर संभव कदम उठाएगी.