7 अगस्त के वाम छात्र संगठनों के विधानसभा मार्च से रिफॉर्म्स मंच ने बनाई दूरी, कहा- आंदोलन के उद्देश्य से सहमत, लेकिन इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे 

Ranchi: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय के विरोध में 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा की है. 
 

Ranchi: झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब आंदोलन की रणनीति को लेकर अलग-अलग रुख सामने आए हैं. जहां वाम छात्र संगठनों ने 7 अगस्त को विधानसभा मार्च का आह्वान किया है, वहीं जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन का नेतृत्व कर रहा जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच इस कार्यक्रम से अलग रहने का फैसला किया है.

वाम छात्र संगठनों ने किया विधानसभा मार्च का आह्वान

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय के विरोध में 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा की है. इस संबंध में गुरुवार को रांची स्थित सीपीआई कार्यालय में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई.

प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि लंबे समय से छात्रों की मांगों की अनदेखी की जा रही है, इसलिए विधानसभा मार्च के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी.

रिफॉर्म्स मंच ने बनाई दूरी

दूसरी ओर, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने स्पष्ट किया है कि वह 7 अगस्त को वाम छात्र संगठनों के विधानसभा मार्च में शामिल नहीं होगा. मंच का कहना है कि यदि कोई संगठन उनके आंदोलन को नैतिक समर्थन देता है तो उसका स्वागत है, लेकिन उनका आधिकारिक कार्यक्रम पहले से तय है और उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है.

मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका मुख्य कार्यक्रम 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव है. इसके लिए पूरे झारखंड से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के रांची पहुंचने की तैयारी है और आंदोलन उसी पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत आगे बढ़ेगा.

सरकार से वार्ता का इंतजार

रिफॉर्म्स मंच ने यह भी बताया कि सरकार के साथ बातचीत के लिए गठित प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) की सूची एसडीएम के माध्यम से राज्य सरकार को सौंप दी गई है। हालांकि, अब तक सरकार की ओर से वार्ता के लिए कोई आधिकारिक निमंत्रण नहीं मिला है.

मंच का कहना है कि वह बातचीत के पक्ष में है और सरकार की पहल का इंतजार कर रहा है. लेकिन जब तक अभ्यर्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा.

छात्रों की प्रमुख मांगें

  • जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच.
  • भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना.
  • अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई.
  • सरकार और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच शीघ्र वार्ता.

भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी इस आंदोलन के बीच अब 7 अगस्त और 10 अगस्त के कार्यक्रमों ने छात्र संगठनों की अलग-अलग रणनीतियों को स्पष्ट कर दिया है. एक ओर वाम छात्र संगठन तत्काल विधानसभा मार्च के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं, वहीं रिफॉर्म्स मंच अपनी पूर्व घोषित रणनीति पर कायम रहते हुए 10 अगस्त के विधानसभा घेराव को आंदोलन का मुख्य कार्यक्रम बता रहा है.