झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज, JPSC-JSSC मुद्दे पर सदन में विपक्ष का हल्ला बोल
Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन गुरुवार, 7 अगस्त को शुरू होगा। पहले दिन 6 अगस्त को शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। आज के सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। इसके साथ ही राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की वार्षिक रिपोर्ट भी विधानसभा पटल पर रखी जाएगी।
हालांकि, जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
आज सदन में क्या होगा?
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी विधानसभा में पेश करेंगे। इसके अलावा वह राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की वार्षिक रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखेंगे। सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और विभिन्न विभागों के अतिरिक्त खर्चों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
छात्र आंदोलन की गूंज सदन में
राज्य में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची में चल रहे धरना-प्रदर्शन और विधानसभा घेराव की घोषणाओं के बीच विपक्ष इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। ऐसे में दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
8 और 9 अगस्त को रहेगा अवकाश
मानसून सत्र के दौरान 8 और 9 अगस्त को शनिवार और रविवार होने के कारण विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी।
10 अगस्त को अनुपूरक बजट पर होगी चर्चा
10 अगस्त को पहली पाली में प्रश्नकाल आयोजित होगा। दूसरी पाली में प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद संबंधित विनियोग विधेयक सदन से पारित कराया जाएगा।
11 और 12 अगस्त को पेश होंगे विधेयक
11 अगस्त को पहली पाली में प्रश्नकाल होगा, जबकि दूसरी पाली में विभिन्न राजकीय विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे।
मानसून सत्र के अंतिम दिन 12 अगस्त को भी पहली पाली में प्रश्नकाल होगा। दूसरी पाली में राजकीय विधेयकों के साथ गैर-सरकारी संकल्प भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके साथ ही सत्र की कार्यवाही समाप्त होगी।
विपक्ष की रणनीति पर रहेगी नजर
मानसून सत्र के दूसरे दिन सबकी निगाहें इस बात पर रहेंगी कि विपक्ष छात्र आंदोलन, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को किस तरह घेरता है। वहीं सरकार की कोशिश होगी कि निर्धारित विधायी और वित्तीय कार्य सुचारु रूप से पूरे किए जा सकें।