JPSC-JSSC विवाद पर सरकार और छात्रों की दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा, आंदोलन जारी
Ranchi, Jharkhand News: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी हुई। हालांकि, वार्ता के बाद भी छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला नहीं लिया है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, प्रदर्शन जारी रहेगा।
बैठक के बाद बाहर आए झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार छात्रों के अलग-अलग समूहों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से लगातार संवाद करती रहेगी। उन्होंने कहा कि बातचीत का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और सभी पक्षों से मिले सुझावों के आधार पर सरकार सामूहिक रूप से निर्णय लेने का प्रयास करेगी।
छात्रों के सुझाव के लिए जारी की गई ई-मेल आईडी
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने आंदोलन से जुड़े छात्रों और अन्य लोगों के लिए एक फीडबैक ई-मेल आईडी भी जारी की है। उन्होंने अपील की कि कोई भी छात्र, व्यक्ति या संबंधित स्टेकहोल्डर अपनी बात और सुझाव सरकार तक पहुंचा सकता है।
सरकार की ओर से JPSSC.feedback@gmail.com पर सुझाव भेजने को कहा गया है। मंत्री के मुताबिक, प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद छात्रों की मांगों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
18 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रखी अपनी बात
सरकार से बातचीत के लिए JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच और अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से कुल 18 प्रतिनिधियों के नाम भेजे गए थे। इनमें एक मंच की ओर से 10 और दूसरे की ओर से 8 प्रतिनिधि शामिल रहे।
10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे।
वहीं, दूसरे आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में रामा अवतार महतो, चंदन कुमार, दिनबंधु मंडल, बिमल कुमार, पूजा कुमारी, प्रेम कुमार, रवि शंकर और अमित कुमार शामिल रहे।
मांगों पर फैसला होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत का मकसद केवल प्रदर्शन खत्म करना नहीं है। वे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था में सुधार समेत अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से सरकार के सामने रखना चाहते हैं।
वहीं, देवेंद्रनाथ महतो गुट की ओर से दावा किया गया है कि शनिवार को सरकार के प्रतिनिधियों के साथ उनकी भी वार्ता प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच बातचीत का दौर जारी रहने की संभावना है।
फिलहाल दूसरे दौर की बातचीत के बाद भी छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। अब सबकी नजर सरकार की अगली बैठक और JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था को लेकर होने वाले फैसले पर टिकी है।