साल 2026 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए एक बड़ा महत्वपूर्ण साल, 2024 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद जनता से किए गए वादों पर खड़ा उतरना किसी परीक्षा से काम नहीं...
Jharkhand Desk: वर्ष 2026 झारखंड की राजनीति और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित होने वाला है. 2024 के विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद, 2026 उनके लिए किए गए वादों को जमीन पर उतारने और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की परीक्षा होगा. वर्ष 2026 में हेमंत सोरेन के सामने आने वाली 10 प्रमुख चुनौतियां नई नियुक्तियां, युवाओं को रोजगार, नगर निकाय चुनाव और पेसा कानून को प्रभावी तरीके से लागू करना होगा.
हेमंत सोरेन सरकार की 10 चुनौतियां
वर्ष 2026 में केंद्र सरकार ने पूरे देश से माओवादियों और नक्सली संगठनों के सफाए का लक्ष्य रखा है. राज्य में भी इस वर्ष नक्सल उन्मूलन और आपराधिक संगठनों के खात्मा के लिए कठोर कदम उठाने होंगे. इसके अलावा गठबंधन सरकार की स्थिरता और आर्थिक विकास को गति दिए जाने की आवश्यकता होगी.
1. 70,000 शिक्षकों की भर्ती
राज्य सरकार ने 2026 तक राज्य के स्कूलों में लगभग 70,000 शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है. रिक्त पदों को पारदर्शिता के साथ भरना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती होगी.
2.भ्रष्टाचार के आरोप और केंद्रीय एजेंसियां
शराब घोटाला और अवैध खनन जैसे मामलों में पूर्व सचिवों की गिरफ्तारी के बाद, केंद्रीय एजेंसियों (ED/CBI) की सक्रियता और विपक्ष के हमले हेमंत सोरेन के लिए सिरदर्द बने रहेंगे
3.युवाओं को रोजगार
जेएसएससी सीजीएल जैसी परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद, लाखों शिक्षित युवाओं को स्थायी रोजगार देना और भर्ती प्रक्रियाओं को विवादों से दूर रखना उनके लिए अनिवार्य है
4.नगर निकाय चुनाव जरूरी
झारखंड में स्थानीय नगर निकाय का चुनाव कई वर्षों से लंबित है। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट की ओर से भी राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है5.विस्थापन और पुनर्वास
हेमंत सोरेन सरकार के लिए विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग के माध्यम से खनन प्रभावित परिवारों को घर और मुआवजा दिलाना एक जटिल मानवीय और राजनीतिक कार्य है.6. पेसा नियमों को प्रभावी तरीके लागू करना
क्रियान्वयन: ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने वाले 'पेसा' नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करना, ताकि आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन पर अधिकार मिल सके.7. आर्थिक विकास की गति
झारखंड की विकास दर को 7.5% या उससे ऊपर बनाए रखना और खनिज संपदा का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना एक निरंतर चुनौती है. इसके अलावा प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी के लिए भी कई कदम उठाने होंगे. बुनियादी ढांचा और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई काम किए जाने हैं. 2026 में राज्य के उच्च और माध्यमिक विद्यालयों में स्टाफ की कमी को दूर करना और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार करना होगा.8. नक्सल उन्मूलन और आपराधिक संगठन का खात्मा
सांप्रदायिक तनाव की छिटपुट घटनाओं को रोकना और राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखना सुशासन के लिए आवश्यक होगा। इसके अलावा नक्सल उन्मूलन और आपराधिक संगठन का खात्मा भी प्रमुख चुनौती है.9. गठबंधन सरकार की स्थिरता
सीएम हेमंत सोरेन के लिए गठबंधन में शामिल कांग्रेस और आरजेडी जैसे सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखना और जेएमएम नेताओं को संतुष्ट रखना भी जरूरी है.10. पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी
हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भी है. ऐसे में 2026 से ही पार्टी संगठन को मजबूत करना ताकि 2029 के अगले बड़े चुनाव के लिए 'इंडिया गठबंधन' की पकड़ बनी रहे, इसके लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होगी.