जंगल से गांव तक आतंक- कोडरमा में हाथी के हमले से दो लोगों की मौत, तीन लोग अस्पताल में भर्ती

Koderma: हाथियों के झुंड ने लवकुश को इतनी बेरहमी से पटका कि लवकुश के शरीर के चिथड़े उड़ गए. घटना के बाद लोगों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश हैं. पिछले 27 दिनों में हाथियों ने अब तक 7 लोगों को कुचलकर मार डाला है, जबकि हाथी के हमले से तकरीबन आधा दर्जन लोग घायल भी हो चुके हैं. 
 

Koderma: कोडरमा में हाथी के हमले से दहशत का माहौल बन गया है. गली हाथी के अचानक गांव में घुस आने से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है.

जानकारी के अनुसार, यह घटना कोडरमा जिले के वनांचल क्षेत्र में उस समय हुई, जब लोग अपने दैनिक कामकाज में लगे थे. अचानक जंगल से निकला हाथी गांव की ओर बढ़ आया और सामने आए लोगों पर हमला कर दिया. हाथी ने दो लोगों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य हमले में बुरी तरह घायल हो गए. 

ताजा मामला जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह गांव का है, जहां बीती रात ईंट के भट्ठे में काम करने वाले एक मजदूर और एक बच्चे को हाथी के झुंड ने कुचल कर मौत के घाट उतार दिया है, जबकि इस घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं.

मृतक की पहचान बिहार के फतेहपुर गांव निवासी 32 वर्षीय राजकुमार मांझी और 12 वर्षीय लवकुश मांझी के रूप में की गई है. वहीं इस घटना में मृतक राजकुमार मांझी की पत्नी गौरी देवी तथा लवकुश मांझी की मां कारी देवी व उनके डेढ़ वर्षीय पुत्र घायल हो गए हैं.

जानकारी के अनुसार कंझीयाडीह मे बीती रात हाथियों का झुंड ईंट के भट्ठे पर पहुंचा और उनके मिट्टी के मकान को तहस-नहस करना शुरू कर दिया. हाथियों के हमले की जानकारी मिलते ही भट्टे पर काम करने वाले मजदूर इधर-उधर भागने लगे. इसी क्रम में डेढ़ महीने का एक बच्चा झोपड़ी में ही फंस गया. जिसे निकालने के क्रम में हाथी ने हमला कर दिया, जबकि 12 वर्षीय बच्चा भागने के क्रम में हथियो के झुंड के बीच जा पहुंचा, जिसे हाथियों ने पटक-पटक कर मार डाला.

एक माह के अंदर हाथियों ने 7 लोगों को मार डाला

बता दें कि हाथियों के झुंड ने लवकुश को इतनी बेरहमी से पटका कि लवकुश के शरीर के चिथड़े उड़ गए. घटना के बाद लोगों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश हैं. पिछले 27 दिनों में हाथियों ने अब तक 7 लोगों को कुचलकर मार डाला है, जबकि हाथी के हमले से तकरीबन आधा दर्जन लोग घायल भी हो चुके हैं.

वन विभाग के द्वारा खदेड़े जाने के बाद हाथी कभी जयनगर तो कभी डोमचांच तो कभी कोडरमा घाटी के जंगलों में पहुंच जाता है. दिन के वक्त हाथी जंगलों में ही आराम करते हैं, लेकिन रात के समय रिहायशी इलाकों में घुसकर तांडव मचाना शुरू कर देते हैं, जिसको लेकर आम लोगों में दहशत का माहौल है.

लगातार हाथियों को कोडरमा से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है. बावजूद इसके हाथियों का झुंड लगातार इन क्षेत्रों में आ जा रहा है. उन्होंने बताया कि हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग द्वारा पश्चिम बंगाल से एक विशेष दल भी बुलाया गया है, जो लगातार इस कार्य में लगा हुआ है. सौमित्र शुक्ला, डीएफओ

डीएफओ ने लोगों से जंगली क्षेत्र से दूरी बनाकर रहने की अपील की है. साथ ही हाथी के नजदीक जाने से मना किया है. उन्होंने कहा कि कुछ दिनों के लिए लोग खुले में सोना बंद कर दें.