केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ को भी साइबर ठगों ने बनाया निशाना, साइबर पीस सेमिनार में हुआ खुलासा...

Ranchi: रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ के पास जैसे ही साइबर फ्रॉड का कॉल आया, उन्होंने कॉफ्रेंस कॉल पर एसएसपी को भी जोड़ा. तभी पलक झपकते ही साइबर फ्रॉड कॉल से दूर हो गया. यह आपबीती उन्होंने साइबर अपराध पर आयोजित एक सेमिनार में लोगों को इससे सचेत रहने की सलाह देते हुए बताई...
 

Ranchi: साइबर अपराधियों की नजर में आम और खास कोई भी सुरक्षित नहीं है. इसका ताजा उदाहरण तब सामने आया, जब केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ को भी साइबर फ्रॉड का शिकार बनाने की कोशिश की गई. हालांकि उनकी सूझबूझ और सतर्कता से यह बड़ी ठगी नाकाम हो गई. रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ के पास जैसे ही साइबर फ्रॉड का कॉल आया, उन्होंने कॉफ्रेंस कॉल पर एसएसपी को भी जोड़ा. तभी पलक झपकते ही साइबर फ्रॉड कॉल से दूर हो गया. यह आपबीती उन्होंने साइबर अपराध पर आयोजित एक सेमिनार में लोगों को इससे सचेत रहने की सलाह देते हुए बताई.

रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि उनके दिल्ली में रह रहे बड़े भाई के साथ साइबर धोखाधड़ी करने की कोशिश की गई. जिसमें यहां तक धमकी दी गई कि यदि वे अपने भाई को बताएंगे तो उनका मंत्री पद भी चला जायेगा. मंत्री संजय सेठ ने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि यह गिरोह सुनियोजित रूप से लोगों को तरह-तरह के हथकंडे अपना कर शिकार बनाने की कोशिश करते हैं. ऐसे में बगैर किसी परिचित के वीडियो कॉल, व्हाट्सएप फोटो, ईमेल या अन्य इंटरनेट साइट को देखने की कोशिश ना करें, नहीं तो आपकी गाढ़ी कमाई मिनटों में आपके अकाउंट से चली जाएगी.
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के एमएसएमई क्षेत्र में तेजी से डिजिटल अरेस्ट की घटना हो रहे हैं. लेकिन साइबर सुरक्षा में निवेश की कमी और तकनीकी समझ का अभाव और असुरक्षित नेटवर्क उपयोग के कारण लोग एआई आधारित धोखाधड़ी के आसान तरीके का शिकार हो रहे हैं. एमएसएमई क्षेत्र आर्थिक मजबूती की रीढ़ है. लेकिन सीमित संसाधनों और जागरूकता की कमी के कारण साइबर अपराधों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर उद्यमियों में जागरूकता लाना बेहद जरूरी है.
साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर गोल्डेन समय महत्वपूर्ण
राज्य में बढ़ते साइबर खतरों से निपटने और माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज के बीच डिजिटल सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बीएसएनएल झारखंड और साइबर पीस फाउंडेशन ने सोमवार को रांची में नेशनल यूथ एआई साइबर सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम में साइबर पीस के संस्थापक व ग्लोबल अध्यक्ष मेजर विनीत कुमार भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा का मुद्दा अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारी बन चुका है.
पीस के संस्थापक ने कहा कि साइबर फ्रॉड होने पर जिस तरह से गंभीर बीमारी से शिकार मरीज की आपात स्थिति में गोल्डेन समय महत्वपूर्ण होता है, उसी तरह से यदि साइबर फ्रॉड होने पर आधे घंटे के अंदर गृह मंत्रालय विभाग में शिकायत नहीं करते हैं तो साइबर शिकार हो सकते हैं. उन्होंने कहा फ्रॉड होने पर गृह मंत्रालय द्वारा गठित इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर को तत्काल सूचना दें.
साइबर ठगी होने पर तुरंत गृह मंत्रालय में करें शिकायत
उन्होंने कहा कि इसके लिए दो माध्यम हैं. पहला 1930 टोल फ्री नंबर और दूसरा वेबसाइट cybercrime.gov.in. इनके माध्यम से शिकायत कर सकते हैं. इससे गृह मंत्रालय तत्काल बैंक एकाउंट को फ्रीज करेगा. जिससे बैंक खाते से पैसा नहीं निकल पायेगा. सुरक्षित नेटवर्क और डिजिटल हाइजीन पर बीएसएनल के सीजीएम विपुल अग्रवाल ने केस स्टडी की चर्चा की.