JPSC विवाद पर विधानसभा में घमासान! BJP ने मांगा CM हेमंत का इस्तीफा, CBI जांच की मांग

Ranchi: विपक्ष ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. BJP विधायकों ने 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग भी दोहराई.
 

Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन JPSC-JSSC विवाद को लेकर सियासी पारा चढ़ गया. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले NDA के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की. BJP विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर JPSC मुद्दे पर आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और मामले की CBI जांच कराने की मांग उठाई.

विपक्ष ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. BJP विधायकों ने 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग भी दोहराई.

विधानसभा परिसर में BJP विधायकों की नारेबाजी

मानसून सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायकों ने JPSC विवाद को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, BJP के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक नीरा यादव, उज्ज्वल दास समेत कई विधायक मौजूद रहे. विधायकों ने JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा और आंदोलन कर रहे छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई.

नीरा यादव ने लगाए सरकार पर गंभीर आरोप

BJP विधायक नीरा यादव ने कहा कि JPSC और JSSC में जिस तरह की गड़बड़ियों की बातें सामने आ रही हैं, उसके विरोध में छात्र आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार CID जांच के जरिए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

नीरा यादव ने मांग की कि पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए. उन्होंने 14वीं JPSC सिविल सेवा PT परीक्षा को रद्द करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की.

सरकार ने विपक्ष पर किया पलटवार

विपक्ष की ओर से मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने BJP पर पलटवार करते हुए कहा कि BJP शासनकाल में भी इस तरह की गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे और विपक्ष को पहले अपने शासनकाल से जुड़े मामलों पर जवाब देना चाहिए. मंत्री ने कहा कि जिन मामलों में CBI जांच की बात की जा रही है, उनकी जांच का नतीजा क्या रहा, यह सभी जानते हैं. उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की.

‘छात्रों की मांग पर सरकार गंभीर’

मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। सरकार की ओर से मंत्रियों को छात्रों से बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है. उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की संभावना है और सरकार जल्द ही किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने का प्रयास करेगी.

‘छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा’

मंत्री ने कहा कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच एजेंसी अपना काम कर रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के साथ है और उनके साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.  उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC विवाद का समाधान बातचीत और जांच के जरिए निकालने की कोशिश की जा रही है.

JPSC मुद्दे पर सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

JPSC-JSSC विवाद को लेकर एक तरफ छात्र आंदोलन जारी है, वहीं दूसरी ओर यह मुद्दा अब विधानसभा के मानसून सत्र में भी प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया है. विपक्ष जहां CBI जांच, परीक्षा रद्द करने और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. ऐसे में मानसून सत्र के दौरान JPSC विवाद को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है.