उम्मीद लेकर पहुंचे ग्रामीण, खाली हाथ लौटे! DL कैंप में नहीं पहुंचे अधिकारी

Lohardaga: ग्रामीणों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा देने के लिए आयोजित शिविर में परिवहन विभाग की टीम के नहीं पहुंचने से लोगों को मायूसी हाथ लगी. ग्रामीण तय समय पर शिविर में पहुंचे और काफी देर तक टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन विभागीय कर्मियों के नहीं पहुंचने पर उन्हें बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा. ग्रामीणों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई और भविष्य में शिविर समय पर आयोजित कराने की मांग की.
 

Lohardaga: जिला परिवहन कार्यालय की ओर से गुरुवार को भौरो पंचायत भवन में आयोजित होने वाला ड्राइविंग लाइसेंस विशेष शिविर अचानक स्थगित हो गया। शिविर में परिवहन विभाग की टीम के नहीं पहुंचने के कारण लाइसेंस बनवाने पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने विभागीय व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए जल्द शिविर की नई तिथि घोषित करने की मांग की है।

चार पंचायतों के ग्रामीणों को मिलनी थी सुविधा

जानकारी के अनुसार, जिला परिवहन कार्यालय की ओर से भौरो पंचायत भवन में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जाना था। इस शिविर में भौरो, मसमानो, उदरंगी और गडरपो पंचायत के ग्रामीणों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी।

शिविर की सूचना पहले से मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और आवेदक सुबह ही पंचायत भवन पहुंच गए थे। कई लोग अपने जरूरी दस्तावेज लेकर शिविर में पहुंचे थे, ताकि उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े।

लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद परिवहन विभाग की टीम पंचायत भवन नहीं पहुंची। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब विभागीय कर्मियों के आने की कोई सूचना नहीं मिली तो आवेदक निराश होकर वापस लौट गए।

मुखियाओं ने विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

शिविर में विभागीय टीम के नहीं पहुंचने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। मसमानो की मुखिया ममता कुमारी, उदरंगी के मुखिया परमेश्वर महली, गडरपो के मुखिया सुमित उरांव और भौरो की मुखिया सुमन्ति उरांव ने परिवहन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।

मुखियाओं ने कहा कि ग्रामीणों को शिविर के आयोजन की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। इसके बाद लोग अपने जरूरी कागजात लेकर समय पर पंचायत भवन पहुंच गए, लेकिन विभाग की टीम के नहीं आने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय तक जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं। ऐसे में पंचायत स्तर पर लगाए जाने वाले शिविर ग्रामीणों के लिए काफी सुविधाजनक हैं। विभाग को इस तरह के शिविरों के आयोजन को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए।

अपरिहार्य कारणों से स्थगित हुआ शिविर: DTO

इस मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी जया संखी मुर्मू ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से ड्राइविंग लाइसेंस शिविर को स्थगित किया गया था। उन्होंने कहा कि शिविर के आयोजन की अगली तिथि बाद में निर्धारित की जाएगी।

वहीं, शिविर स्थगित होने से निराश आवेदकों ने जल्द से जल्द नई तिथि निर्धारित कर दोबारा शिविर आयोजित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर दोबारा शिविर लगने से उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।