डैमों में बढ़ा पानी, खोले गए कई फाटक...दामोदर-स्वर्णरेखा समेत नदियों का बढ़ा जलस्तर
Ranchi: झारखंड में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर अब राज्य के डैम और जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। जलग्रहण क्षेत्रों में पानी की आवक बढ़ने से कई डैमों का जलस्तर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए अलग-अलग डैम के फाटक खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।
24 और 25 सितंबर को उपलब्ध जानकारी के अनुसार पतरातू, कांके, गोंदा, तेनुघाट, चांडिल और गरगा डैम से पानी छोड़ा गया है। लगातार बारिश को देखते हुए संबंधित प्रबंधन की ओर से जलस्तर और पानी की आवक पर नजर रखी जा रही है।
पतरातू डैम के दो फाटकों से पानी की निकासी
रामगढ़ स्थित पतरातू डैम में लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़कर 1328 आरआरएल तक पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गेट नंबर 4 को चार इंच और गेट नंबर 6 को आठ इंच खोला गया है। इन दोनों फाटकों से पानी की निकासी की जा रही है।
डैम प्रबंधन के अनुसार जलाशय में आने वाले पानी और बाहर छोड़े जा रहे पानी की लगातार निगरानी की जा रही है। परिस्थितियों के अनुसार फाटकों को और खोलने या बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।
कांके डैम का गेट नंबर 2 खोला गया
राजधानी रांची के कांके डैम में भी लगातार बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। गुरुवार को डैम का गेट नंबर 2 खोलकर पानी की निकासी की गई।
फाटक को कितनी मात्रा में खोला गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। बारिश जारी रहने के कारण डैम के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। कांके डैम के अलावा रांची के अन्य जलस्रोतों में भी पानी बढ़ने की सूचना है।
गोंदा डैम के दो गेट से निकाला गया पानी
रांची के गोंदा डैम के रेडियल गेट नंबर 2 और 4 से पानी की निकासी की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों गेटों को पांच-पांच इंच खोला गया है।
गोंदा डैम की अधिकतम क्षमता 28 फीट बताई गई है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए डैम प्रबंधन की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है।
तेनुघाट डैम के छह रेडियल गेट खुले
बोकारो के तेनुघाट डैम में भी जलस्तर बढ़ने के बाद पानी की निकासी की जा रही है। छह रेडियल गेट खोले गए हैं।
24 सितंबर की सुबह तक इन गेटों से करीब 9,710 क्यूसेक पानी दामोदर नदी में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। इससे पहले 23 सितंबर की शाम डैम का जलस्तर करीब 848 फीट तक पहुंच गया था। इसके बाद चार अतिरिक्त गेट खोले गए और कुल छह गेटों से पानी की निकासी शुरू की गई।
चांडिल डैम के नौ गेट खुले
सरायकेला-खरसावां स्थित चांडिल डैम का जलस्तर लगातार बारिश के बीच 181 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम के कुल 13 रेडियल गेटों में से 9 गेट खोले गए हैं।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इन गेटों को करीब एक-एक मीटर तक खोला गया है। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
गरगा डैम का फाटक भी खोला गया
बोकारो के गरगा डैम में भी लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ा है। 24 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार डैम का जलस्तर 766.6 फीट दर्ज किया गया था। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए इसका एक गेट करीब चार इंच खोला गया।
लगातार बारिश को देखते हुए डैम प्रबंधन की ओर से रातभर जलस्तर और पानी की आवक पर निगरानी रखने की बात कही गई थी।
डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों पर भी नजर
लगातार बारिश के साथ डैमों से पानी छोड़े जाने के कारण आसपास की नदियों और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ गई है। तेनुघाट डैम से पानी छोड़े जाने के बाद दामोदर नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। वहीं, चांडिल डैम से पानी की निकासी के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदी में भी पानी बढ़ा है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को नदी, डैम और तेज बहाव वाले जलस्रोतों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है पानी की निकासी
मौसम की स्थिति और जलग्रहण क्षेत्रों में पानी की आवक को देखते हुए डैमों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि बारिश और पानी की आवक इसी तरह जारी रहती है, तो जरूरत के अनुसार फाटकों को और खोला या बंद किया जा सकता है।
फिलहाल प्रशासन और डैम प्रबंधन की प्राथमिकता जलस्तर को नियंत्रित रखते हुए निचले इलाकों में संभावित जोखिम को कम करना है।