झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बादलों से तापमान में गिरावट, कई जिलों में आज भी अलर्ट
Ranchi: पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे झारखंडवासियों को आखिरकार राहत मिलने लगी है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में हुई प्री-मानसून बारिश, तेज हवाओं और बादलों की सक्रियता के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों का अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जबकि 1 जून को भी कई जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना बनी हुई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं. इसके प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे भीषण गर्मी का असर कम हुआ है.
तापमान में आई बड़ी गिरावट
मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बारिश और बादलों की वजह से कई जिलों के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई. हाल के दिनों में जहां पलामू, गढ़वा और डालटनगंज जैसे इलाके 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास तप रहे थे, वहीं अब कई हिस्सों में तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे पहुंच गया है.
रांची मौसम केंद्र के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है। इससे गर्मी से राहत बनी रह सकती है.
1 जून को इन जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना
मौसम विभाग ने 1 जून को राज्य के उत्तर-पूर्वी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, खूंटी, गुमला और आसपास के इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है.
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.
क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह और जून की शुरुआत में झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य रूप से बढ़ जाती हैं. छोटानागपुर पठार की भौगोलिक स्थिति, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और स्थानीय संवहन (कन्वेक्शन) के कारण दोपहर और शाम के समय बादल बनते हैं, जिससे गरज-चमक के साथ बारिश होती है.
रांची और आसपास के इलाकों में यह पैटर्न अक्सर देखा जाता है, जहां सुबह तेज धूप रहने के बाद दोपहर या शाम में अचानक बादल छा जाते हैं और बारिश शुरू हो जाती है.
जून में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
हालांकि फिलहाल बारिश से राहत मिली है, लेकिन IMD ने जून महीने में देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताई है. मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार जून 2026 में देशभर में औसत से कम बारिश हो सकती है, हालांकि पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य वर्षा की संभावना बनी हुई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में प्री-मानसून बारिश किसानों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन मानसून की प्रगति और वर्षा की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा.
लोगों को गर्मी से राहत
पिछले सप्ताह तक जहां गर्म हवाओं और उमस से लोग परेशान थे, वहीं अब मौसम सुहावना होने से लोगों को राहत मिली है. राजधानी रांची समेत कई शहरों में सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस किया जा रहा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक राज्य में मौसम का यही रुख बना रह सकता है.