आज झारखंड में कहां होगी बारिश? रांची समेत इन जिलों के मौसम पर बड़ा अपडेट

झारखंड में आज मौसम का मिजाज बदल सकता है. रांची, गुमला, हजारीबाग समेत राज्य के कई जिलों में बारिश होने के आसार हैं. मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों की नजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान और अलर्ट पर है. बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान और जनजीवन पर असर पड़ सकता है.
 

Jharkhand Weather Update:  झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। राज्य के कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 11 से 13 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और वज्रपात का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

रांची, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा और खूंटी समेत कई जिलों में बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि, राज्य के सभी जिलों में एक जैसी मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी, ऐसा जरूरी नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बारिश और गरज-चमक का असर अलग-अलग क्षेत्रों में हो सकता है।

आज झारखंड के इन जिलों में आंधी-वज्रपात की आशंका

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, रविवार, 11 अक्टूबर को झारखंड के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है।

मौसम में अचानक बदलाव के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेष रूप से खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों, किसानों और निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।

12 और 13 अक्टूबर को कैसा रहेगा झारखंड का मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 अक्टूबर को रांची, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा और खूंटी समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी और वज्रपात की आशंका बनी रह सकती है। वहीं, 13 अक्टूबर को भी रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और लोहरदगा सहित कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और मौसमी गतिविधियों का वास्तविक असर जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

झारखंड के प्रमुख शहरों में कितना रहा तापमान?

राज्य के विभिन्न जिलों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। 10 अक्टूबर को दर्ज किए गए तापमान के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कई शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।

शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
रांची 28°C 18°C
पलामू 33°C 21°C
जमशेदपुर 33°C 22°C
बोकारो 31°C 22°C
गुमला 28°C 18°C
हजारीबाग 31°C 18°C
धनबाद 30°C 23°C

इन आंकड़ों के अनुसार, पलामू और जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रांची और गुमला में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह और रात के समय कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत राहत मिल सकती है, जबकि दोपहर में गर्मी महसूस हो सकती है।

नोट: तापमान के आंकड़ों को प्रकाशित करने से पहले संबंधित तारीख के IMD के आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित कर लें।

झारखंड से मानसून की वापसी जारी

झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। गढ़वा, चतरा, पलामू और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी दर्ज की गई है।

हालांकि, मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के बावजूद वायुमंडल में नमी और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि राज्य में बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है।

बिजली चमकने पर क्या करें और क्या नहीं?

आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

  • बिजली चमकने और गरजने के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहें।

  • खुले मैदान, खेतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

  • बिजली कड़कने के दौरान तालाब, नदी और अन्य जलाशयों से दूर रहें।

  • किसान गरज-चमक के दौरान खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

  • तेज हवा के दौरान कमजोर संरचनाओं, बिजली के खंभों और लटकते तारों से दूरी बनाए रखें।

  • मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

झारखंड में अगले तीन दिनों के दौरान मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर आंधी और वज्रपात के समय खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए। बारिश और तेज हवाओं का असर हर जिले में एक जैसा नहीं होगा, इसलिए यात्रा, खेती और अन्य बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।