कौन है राजनीति में संजय यादव और रमीज जिसकी चर्चा बिहार ही नहीं झारखंड में भी हो रही है... क्यों भाजपा ने CM सोरेन को बचने की दी नसीहत
Jharkhand Desk: कौन संजय और कौन रमीज है ये तो बाद की बात है, लेकिन किसी व्यक्ति को टारगेट करके हमारे अंदरूनी मामले में टिप्पणी करने वाली भाजपा कौन होती है. उन्होंने कहा कि भाजपा की भी मिट्टी पलीद कई राज्यों में हुई है.
Nov 18, 2025, 14:11 IST
Jharkhand Desk: बिहार में एनडीए की शानदार जीत के बाद शपथ ग्रहण की तैयारी चल रही है. नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं. वहीं राजद में संग्राम छिड़ा हुआ है. खासकर लालू प्रसाद यादव के घर में. उनको किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य लगातार संजय यादव और रमीज का नाम लेकर तेजस्वी पर हमला बोल रहीं हैं.
लालू प्रसाद यादव की बेटी ने फेसबुक पर लिखा कि इन दोनों के बारे में बोलने पर मारपीट की कोशिश हुई. चप्पल उठाई गयी. गालियां दी गईं. मायका छीन लिया गया. अनाथ बना दिया गया.
अब झारखंड में भाजपा ने सीएम हेमंत सोरेन को यहां के सियासी गलियारे में सक्रिय संजय और रमीज से सावधान रहने की नसीहत दी है. हालांकि, झामुमो ने दो टूक कहा है कि हमारे अंदरूनी मामले में भाजपा को नहीं आना चाहिए.
भाजपा प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को यहां के संजय और रमीज से बचने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि झारखंड के सियासी गलियारे में सक्रिय संजय और रमीज से सभी वाकिफ हैं. यहां के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी ऐसे ही संजय और रमीज ने घेर रखा है. उनको इस बंधन को तोड़कर झारखंड को बचाना चाहिए.
भाजपा ने सलाह दी है कि बिहार की पारिवारिक पार्टी राजद इन दिनों संजय और रमीज में उलझ कर रह गई है. उनसे झारखंड के संजय और रमीज का नाम पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वक्त आने पर नाम का भी खुलासा कर दिया जाएगा.
भाजपा के इस सुझाव पर झामुमो के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि झारखंड की राजनीति में कौन संजय और कौन रमीज है ये तो बाद की बात है, लेकिन किसी व्यक्ति को टारगेट करके हमारे अंदरूनी मामले में टिप्पणी करने वाली भाजपा कौन होती है. उन्होंने कहा कि भाजपा की भी मिट्टी पलीद कई राज्यों में हुई है.
क्या भाजपा ने इसकी कभी समीक्षा की. उन्होंने कहा कि घाटशिला उपचुनाव में भाजपा की कैसे मिट्टी पलीद हुई, यह बताने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि घाटशिला में एक बाबूलाल थे और एक प्रदेश में बाबूलाल हैं. इससे साफ है कि भाजपा के लोग हताशा और निराशा में इस तरह की बातें कर रहे हैं.
दरअसल, झारखंड में चर्चा होती है कि जिस तरह सीएम रहते रघुवर दास को उनके कुछ करीबियों ने जनता और शुभचिंतकों से दूर रखा, वही हाल वर्तमान सीएम हेमंत सोरेन के साथ हो रहा है. वैसे बिहार राजद में मचे घमासान को संभालने के लिए खुद लालू प्रसाद कूद पड़े हैं. तेजस्वी को राजद विधायक दल का नेता चुने जाने के दौरान हुई बैठक में उन्होंने भरोसा दिलाया है कि घर का विवाद घर के लोग सुलझा लेंगे.