कौन है ये मंत्री, जिसने अपने ही बॉडीगार्ड को बीच सड़क पर जड़ दिया थप्पड़...
 

 

Jharkhand Desk: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस पार्टी के नेता कृष्णा नंद त्रिपाठी पर उनके ही पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड ने थप्पड़ मारने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप लगाया है. गार्ड का कसूर इतना था कि वह ट्रैफिक जाम के बीच गाड़ी से उतर कर नेता जी कि गाड़ी पास नहीं करवा पाया. लिहाजा मंत्री जी को गुस्सा आ गया और अपनी ही सुरक्षा में लगे कांस्टेबल रविंद्र रिखियाशन को थप्पड़ मारा और गालियां देने लगे.

कौन हैं कृष्णा नंद त्रिपाठी?
झारखंड कांग्रेस के नेता कृष्णा नंद त्रिपाठी 2005 से 2024 तक छह बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. साल 2009 के चुनाव जीतने में सफलता मिली थी. चार बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. पूर्व मंत्री त्रिपाठी झारखंड सरकार में ग्रामीण विकास, श्रम, रोजगार एवं प्रशिक्षण और पंचायती राज के मंत्री रह चुके हैं.

क्या है पूरा मामला 
ये पूरा मामला झारखंड के डाल्टनगंज का है. पुलिस के मुताबिक ये वाकया 3 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 30 मिनट के आसपास हुआ. पूर्व मंत्री कृष्णा नंद त्रिपाठी की कार लातेहर से गुजर रही थी. रास्ते में ट्रैफिक था तो नेता जी ने अपने सुरक्षाकर्मी कांस्टेबल रविंद्र से गाड़ी से उतर कर जाम खली कराने को कहा ताकि उनकी गाड़ी पास हो सके. आमतौर पर ऐसा देखने को मिलता है कि जब भी कोई नेता जी जाम में फंसते हैं, तुरंत उनके सुरक्षाकर्मी गाड़ी से उतर कर जाम खाली कराने में एकदम एक्टिव भूमिका निभाने लगते हैं. इस मामले में भी ऐसा ही हुआ. कांस्टेबल रविंद्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उस समय मार्केट में 'करम त्यौहार' की वजह से काफी भीड़ थी. रविंद्र कहते हैं.

"हम रास्ता खाली करवाने की कोशिश कर ही रहे थे तभी नेता जी गाड़ी से उतर कर आए और गालियां देने लगे. उन्होंने मुझे 'आदिवासी',  'हरिजन' कहा और कहा कि मैं इस काम के लिए फिट नहीं हूं".

पूर्व मंत्री त्रिपाठी झारखंड सरकार में ग्रामीण विकास, श्रम, रोजगार एवं प्रशिक्षण और पंचायती राज के मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने हमले के आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि उनके खिलाफ एफआईआर ‘बदले की भावना से’ दर्ज की गई है. वो कहते हैं 

मैंने बस अपने बॉडीगार्ड्स को ज्यादा सतर्क रहने को कहा, रास्ता साफ करवाया और फिर सर्किट हाउस के लिए निकल पड़ा. मैंने किसी के साथ मारपीट या गाली-गलौज नहीं की. सब कुछ सीसीटीवी में दिख रहा है. जब उन्होंने (बॉडीगार्ड्स ने) गाड़ी हटाने से इनकार कर दिया और मैं एक मिनट के अंदर जाम साफ करवाने में कामयाब रहा, तो उन्हें इसमें अपमान महसूस हुआ. इसलिए उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई है.

इस मामले में डाल्टनगंज नगर के थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम, 1989 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. वहीं दूसरी ओर लातेहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने इस कथित घटना की निंदा की और राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिख कर में इसे वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की गरिमा पर हमला बताया है.

दलित बॉडीगार्ड को थप्पड़ मारा, जातिसूचक शब्द कहे, पूर्व मंत्री पर लगे आरोप