झारखंड के 100 CM स्कूलों को मिलेगी CBSE मान्यता? DC को जारी कराने होंगे 5 सर्टिफिकेट
Ranchi: झारखंड में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों (CM Schools) को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी है. इसके तहत राज्य के 100 स्कूलों को CBSE की मान्यता दिलाने पर जोर दिया जा रहा है. इस प्रक्रिया में जिला उपायुक्तों (DC) की भूमिका अहम होगी.
Ranchi: झारखंड के 100 नए मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (CM SOE) को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने जिला स्तर पर कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है। विभागीय सचिव उमाशंकर सिंह ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को पत्र लिखकर आवश्यक प्रमाण पत्र जल्द जारी कराने और लंबित मामलों का निपटारा करने को कहा है।
सीबीएसई से संबद्धता की प्रक्रिया पूरी करने के लिए विद्यालयों को पांच प्रमुख प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होगी। इनमें भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, सुरक्षित पेयजल एवं स्वास्थ्य-सफाई, जमीन के स्वामित्व या लीज से संबंधित प्रमाण पत्र और जहां जरूरी हो, वन विभाग की मंजूरी शामिल है। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर विद्यालयों में सुरक्षा, स्वच्छता और जमीन से संबंधित निर्धारित मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा।
Jharkhand CM School: CBSE मान्यता के लिए जरूरी हैं ये 5 प्रमाण पत्र
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को सीबीएसई से संबद्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों की जांच कर आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करने होंगे। इसके लिए अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है।
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भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र: भवन निर्माण विभाग विद्यालय भवन की सुरक्षा और निर्धारित मानकों की जांच करेगा।
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अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र: अग्निशमन विभाग आग से बचाव के इंतजामों का निरीक्षण कर आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करेगा।
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पेयजल एवं स्वास्थ्य-सफाई प्रमाण पत्र: संबंधित विभाग विद्यालय में सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था की जांच करेंगे।
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जमीन के स्वामित्व या लीज का प्रमाण पत्र: राजस्व विभाग और अंचल कार्यालय जमीन से जुड़े दस्तावेजों, स्वामित्व और लीज की स्थिति की जांच करेंगे।
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वन विभाग की मंजूरी: जिन विद्यालयों के मामले में इसकी आवश्यकता होगी, वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
विभाग ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर करने और आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
जमीन के सीमांकन और स्वामित्व से जुड़े मामलों पर विशेष जोर
सीबीएसई संबद्धता की प्रक्रिया में जमीन से संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विभागीय सचिव ने अपने पत्र में जमीन के सीमांकन और स्वामित्व यानी टाइटल से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने पर जोर दिया है।
जिन विद्यालयों की जमीन का सीमांकन या स्वामित्व स्पष्ट नहीं है, उनके प्रमाण पत्र जारी करने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में उपायुक्तों को संबंधित अंचल अधिकारियों और राजस्व विभाग के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का समाधान कराने को कहा गया है।
जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच और आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद ही संबंधित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इस काम में देरी होने से विद्यालयों की सीबीएसई संबद्धता की प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।
सभी जिलों में विभागीय निरीक्षण को प्राथमिकता
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भवन निर्माण, अग्निशमन, पेयजल एवं स्वच्छता तथा राजस्व विभाग को अपने-अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया है। संबंधित विभागों को विद्यालयों का निरीक्षण कर निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रमाण पत्र जारी करने की दिशा में काम करना होगा।
जहां वन विभाग की मंजूरी जरूरी होगी, वहां भी संबंधित प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। विभाग का उद्देश्य विभिन्न कार्यालयों के बीच समन्वय की कमी के कारण होने वाली देरी को कम करना और सभी जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराना है।
हर जिले में नियुक्त होंगे नोडल अधिकारी, साप्ताहिक समीक्षा भी होगी
प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। नोडल अधिकारी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे और लंबित मामलों के निपटारे की प्रगति पर नजर रखेंगे।
इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया की साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा गया है। समीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि किन विद्यालयों के प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं, किन मामलों में देरी हो रही है और जमीन से संबंधित दस्तावेजों या तकनीकी समस्याओं के कारण कहां बाधाएं आ रही हैं।
जिला प्रशासन को इन समस्याओं का समाधान संबंधित विभागों के सहयोग से कराने पर जोर दिया गया है, ताकि संबद्धता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होंगे 100 नए CM स्कूल
झारखंड के 100 नए मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को सीबीएसई से संबद्ध कराने की पहल का उद्देश्य विद्यालयों को निर्धारित राष्ट्रीय शैक्षणिक और बुनियादी ढांचा मानकों के अनुरूप तैयार करना है। इसके लिए केवल पढ़ाई की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि भवन की सुरक्षा, अग्निशमन इंतजाम, पेयजल, स्वच्छता और जमीन से जुड़े दस्तावेजों का सही होना भी आवश्यक है।
अब जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर आवश्यक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों का निपटारा करने की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, सीबीएसई से संबद्धता की प्रक्रिया पूरी होने और मान्यता मिलने की अंतिम स्थिति संबंधित आवश्यकताओं के अनुपालन और बोर्ड की निर्धारित प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।