राज्यसभा सीट पर कांग्रेस-जेएमएम में बनेगी सहमति या बढ़ेगी तकरार? प्रणव झा के नाम पर सस्पेंस बरकरार

Ranchi: झामुमो नेता ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी का अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व और गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो गठबंधन धर्म का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन पार्टी के हितों और राजनीतिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाएगा.
 

Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस द्वारा प्रणव झा को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेगी. इस बीच झामुमो के एक वरिष्ठ नेता के बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

झामुमो नेता ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी का अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व और गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो गठबंधन धर्म का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन पार्टी के हितों और राजनीतिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाएगा.

कांग्रेस ने प्रणव झा की जीत के लिए रणनीति बनानी भी शुरू कर दी है. इसे लेकर कांग्रेस के प्रदेश पॉलिटिकल कमेटी की बैठक भी हो रही है.

इसे लेकर जब झामुमो का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो झामुमो प्रवक्ता मनोजा पांडेय ने कहा कि उन्हें अभी जानकारी नहीं है कि उनके नेता हेमंत सोरेन की सहमति कांग्रेस की ओर से घोषित उम्मीदवार को लेकर है या नहीं. मनोज पांडेय ने कहा कि अगर हमारे नेता की सहमति से प्रणव झा राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार बनें हैं तो फिर हमसब मिलकर उनकी जीत की रणनीति बनाएंगे.

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि झामुमो उम्मीदवार का नाम जानने के लिए थोड़ा धैर्य रखिए, अभी इतनी हड़बड़ी भी क्या है? उन्होंने कहा कि फैसला उनके केंद्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेना है, वह जो भी फैसला करेंगे, वह सही फैसला होगा और सबको मान्य होगा.

वहीं अंजनी सोरेन और उनके समर्थकों द्वारा ओडिशा से रांची आकर अपनी उम्मीदवारी की दावेदारी को लेकर झामुमो नेता ने कहा कि इसमें क्या बुराई है? हमारी पार्टी लोकतांत्रिक पार्टी है और सबको अपनी बात कहने का अधिकार है. लेकिन फैसला केंद्रीय अध्यक्ष को लेना है.

अंजनी सोरेन और लता सोरेन में से कौन हो सकती हैं राज्यसभा के लिए झामुमो उम्मीदवार? इस सवाल को बड़ा सवाल बताते हुए झामुमों के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय कहते हैं कि इसका फैसला भी उनके नेता हेमंत सोरेन को लेना है, अभी इतनी हड़बड़ी भी क्या है, सोमवार तक नामांकन की तिथि है. सही समय पर उम्मीदवार के नाम का एलान होगा.