आम महोत्सव में महिला किसानों की रही खास भागीदारी, तोतापुरी आम बना आकर्षण का केंद्र, खरीदारों की उमड़ी भीड़

Hazaribagh: महोत्सव में विभिन्न किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए, लेकिन तोतापुरी आम सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा. महिला किसानों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर आम उत्पादन और विपणन से जुड़ी जानकारी साझा की. बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने विभिन्न किस्मों के आमों का स्वाद लिया और खरीदारी भी की.
 

Hazaribagh: राज्य में आयोजित आम महोत्सव में महिला किसानों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली. महोत्सव में विभिन्न किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए, लेकिन तोतापुरी आम सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा. महिला किसानों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर आम उत्पादन और विपणन से जुड़ी जानकारी साझा की. बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने विभिन्न किस्मों के आमों का स्वाद लिया और खरीदारी भी की. आयोजकों के अनुसार इस तरह के कार्यक्रम किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं.

इसे देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन ने आम उत्सव का आयोजन किया है. स्थानीय लोगों की सहभागिता और किसानों के उत्साह को देखते हुए एक दिवसीय उत्सव को तीन दिवसीय कार्यक्रम में परिवर्तित किया गया है.

इस उत्सव में जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से किसान पहुंच रहे हैं. झील परिसर स्थित एमपी थिएटर में उत्सव चल रहा है. इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य वैसे किसान, जो आम की खेती करते हैं, उन्हें बेहतर प्लेटफार्म और बाजार उपलब्ध कराना है. सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारी पहुंच नहीं पाते हैं. ऐसे में किसान को उचित मूल्य नहीं मिल पाता है और आम भी खराब हो जाते हैं. इसे देखते हुए यह आयोजन किया गया. जिसमें महिलाओं की सहभागिता सबसे अधिक देखने को मिली.

जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाएं जो ग्रामीण क्षेत्रों में आम की खेती कर रही हैं, वह यहां अपना उत्पाद लेकर पहुंचीं. लगभग एक दर्जन के उन्नत किस्म के आम बाजार में पहुंचे हैं. सबसे अधिक चर्चा तोता परी की हो रही है. एक तोतापुरी आम का वजन लगभग डेढ़ किलो के बीच का होता है. इसे पीस के हिसाब से किसान बेचते हैं. लेकिन आम उत्सव में इसे महज सौ रुपए में उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा रहा है. किसान भी बताते हैं कि बाजार में जो आम मिलता है उसे कृत्रिम रूप से पकाया जाता है. उत्सव में जो आम की बिक्री हो रही है, वह पेड़ पर ही पके हुए आम हैं. यह शत-प्रतिशत शुद्ध है.

आम उत्सव को देखने के लिए हजारीबाग उपायुक्त भी पहुंचे. उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर प्लेटफार्म देने की कोशिश की जा रही है. आमतौर पर किसान को आम का बेहतर बाजार नहीं मिल पाता है. इस उत्सव के जरिए उन्हें बेहतर बाजार मिलेगा. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 5 साल पहले शुरू हुई थी और आज आम बागवानी भव्य रूप ले चुका है. स्थानीय लोग और किसानों की मांग पर एक दिवसीय उत्सव को तीन दिवसीय उत्सव के रूप में परिवर्तित किया गया है. ताकि अधिक से अधिक लोग इस उत्सव का लाभ उठाएं और व्यापारी भी किसानों के दरवाजे तक पहुंच सके.

उप विकास आयुक्त रिया सिंह के नेतृत्व में आम उत्सव आयोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि एक दर्जन से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं. सभी स्टॉल पर भरपूर मात्रा में किसान आम लेकर पहुंच रहे हैं. पिछले कई दिनों से इसकी तैयारी चल रही थी. सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आम लोगों की भी सहभागिता दिख रही है. यह एक सफल आयोजन है. तीन दिनों तक यहां लोग पहुंचकर आम की खरीदारी कर पाएंगे.