गांव-गांव तक पहुंच बनाने में जुटी झामुमो, SIR और जनगणना को लेकर कार्यकर्ताओं को दिए खास निर्देश
Ranchi: आगामी चुनावी और राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अब मिशन मोड में नजर आ रही है. पार्टी ने SIR (Special Intensive Revision) और जनगणना जैसे अहम मुद्दों को लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है.
पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंच बनाकर लोगों को जागरूक करें. झामुमो का मानना है कि SIR और जनगणना का असर सीधे सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है, इसलिए संगठनात्मक मजबूती बेहद जरूरी है.
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी जिला और प्रखंड स्तर पर लगातार बैठकें कर रही है. बूथ कमेटियों को सक्रिय करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक संगठन और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुट गई है. इसी कड़ी में झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय राज्यभर में सांगठनिक बैठकों का नेतृत्व कर रहे हैं. जिसमें पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल एजेंट (BLA) को SIR की प्रक्रिया और उसके राजनीतिक प्रभावों को लेकर जागरूक किया जा रहा है.
अप्रैल में मुख्यमंत्री आवास पर हुई थी दो दिवसीय बैठक
20-21 अप्रैल को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई दो दिवसीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया. इस बैठक में SIR और जनगणना जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई थी और भाजपा के कथित “षड्यंत्र” को विफल करने का संकल्प लिया गया था. तब मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा था कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में संगठन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.
इसी रणनीति के तहत 25 मई को लोहरदगा और 26 मई को गुमला में जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक के पदाधिकारियों और BLA की बड़ी बैठकें आयोजित की गईं. इन बैठकों में विनोद पांडेय ने कार्यकर्ताओं को SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची के सत्यापन और जनता को जागरूक करने के तौर-तरीकों की विस्तृत जानकारी दी. साथ ही संगठन को और मजबूत बनाने तथा हर बूथ तक पार्टी की सक्रियता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया.
अब पार्टी ने अगले चरण की बैठकों का कार्यक्रम भी तय कर दिया है. 02 जून को पश्चिमी सिंहभूम, 3 जून को पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां, जबकि 4 जून को सिमडेगा में सांगठनिक बैठकें आयोजित होंगी. इन बैठकों में भी जिला से लेकर बूथ स्तर तक के पदाधिकारी और BLA शामिल होंगे.
इस अभियान के जरिए झामुमो भाजपा पर लगातार राजनीतिक हमला भी तेज कर रही है. झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति “पहले अधिकार रोकने, फिर उसी मुद्दे पर राजनीति करने” की रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां राज्य की योजनाओं की राशि रोकी जाती है और फिर विकास नहीं होने का आरोप लगाया जाता है.
'SIR के पीछे गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों को व्यवस्था से बाहर करने की कोशिश'
झामुमो नेता विनोद पांडेय ने बिहार और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि SIR और तकनीकी प्रक्रियाओं की आड़ में गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों को व्यवस्था से बाहर करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में SIR के बाद 35 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द कर दिए गए, जबकि बंगाल में लाखों लोगों के नाम “Logical Discrepancy” के नाम पर काटे गए.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सुनियोजित हमला है. आज वोटर लिस्ट से नाम काटा जा रहा है, कल राशन रोका जाएगा और परसों कहा जाएगा कि डेटाबेस में आपका अस्तित्व ही नहीं है. झामुमो अब इसी मुद्दे को लेकर गांव-गांव और बूथ-बूथ तक राजनीतिक और सांगठनिक अभियान चलाने की तैयारी में है. जिससे मतदाताओं को जागरूक करने के साथ-साथ पार्टी संगठन को भी जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सके.