25 साल का सपना हुआ साकार: जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान भरकर लखनऊ पहुंचे किसान, सीएम योगी से की मुलाकात
इस प्रतिनिधिमंडल में 20 महिला किसान भी शामिल थीं। किसानों ने जेवर क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों और विकास परियोजनाओं को लेकर अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने भी किसानों के साथ संवाद करते हुए एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े शुरुआती संघर्षों और चुनौतियों को याद किया।
सीएम योगी ने कहा कि जब जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया था, तब भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में किसानों के बीच परियोजना को लेकर संकोच और विरोध था, लेकिन संवाद और विश्वास के आधार पर रास्ता निकाला गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सही समय पर लिया गया निर्णय पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है और आज जेवर इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
उन्होंने कहा कि जिस इलाके को कभी बुनियादी सुविधाओं और विकास के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वही क्षेत्र आज अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रहा है। सड़क, रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसरों ने पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिवर्तन का केंद्र बनने जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश और व्यापार की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।
संवाद के दौरान किसानों ने भी एयरपोर्ट परियोजना से हुए बदलावों का जिक्र किया और कहा कि इससे आसपास के गांवों में विकास की रफ्तार तेज हुई है। कृषि, शिक्षा, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं।
जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ तक किसानों की यह पहली उड़ान प्रदेश के विकास के नए अध्याय का प्रतीक मानी जा रही है। वर्षों से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब धरातल पर आकार लेती दिखाई दे रही है और क्षेत्र के लोगों में इसे लेकर उत्साह का माहौल है।